महिलाएं करेंगी रीडिंग, बांटेंगी बिल, बिजली चोरी भी रोकेंगी

प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी

भोपाल। महिला स्व सहायता समूहों की जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई कवायद करने जा रहा है। अब समूह की महिलाएं गांवों में बिजली मीटर की रीडिंग-बिल बांटना और बिजली चोरी रोकने में अहम भूमिका निभाएंगी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और मप्र विद्युत मंडल कंपनी दोनों के समन्वय से निष्ठा विद्युत मित्र योजना की शुरुआत की जा रही है। हालांकि कुछ जिलों में यह योजना शुरू हो चुकी है परंतु जबलपुर में आजीविका मिशन और विद्युत मंडल कंपनी के अधिकारियों के बीच एक चर्चा होना शेष है इसके बाद इस योजना की शुरुआत हो सकेगी।
इस तरह से संचालित होगी योजना

इसकी शुरुआत ग्राम पंचायत स्तरों पर की गई है और इस योजना का विस्तार सभी जिलों में भी किया जाएगा। अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में योजना की शुरुआत की गई। योजना के तहत बिजली चोरी रोकने पर प्रोत्साहन राशि बिजली चोरों से वसूले गए कुल बिल का 10 फीसदी हिस्सा होगी। यह लाभ उन महिलाओं को मिलेगा, जो सहायता समूह से जुड़कर उपभोक्ता और बिजली कंपनी के बीच सेतु का काम करेंगी। सीहोर, भोपाल, ग्वालियर जिले में योजना की शुरुआत हो चुकी है।

राजस्व में होगी बढ़ोत्तरी
इस योजना के द्वारा बिजली कंपनी के राजस्व में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी। विद्युत के अवैध उपयोग की रोकथाम के साथ-साथ नए कनेक्शन भी दिए जा सकेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर स्व-सहायता समूह की महिलाएं निष्ठा विद्युत मित्र सेवक के रूप में जानी जाएगी। योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उपभोक्ता को ऑनलाइन या फिर उपाय एप के माध्यम से बिल भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए परामर्श भी दिया जाएगा, निष्ठा विद्युत मित्र समूह द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायत का निराकरण किया जाएगा। उपभोक्ता के बंद और खराब मीटरों की शिकायतों का निराकरण, नए कनेक्शन ऑनलाइन प्रक्रिया से देने के साथ ही बिजली चोरी की रोकथाम। बिजली के अवैध और अवैधानिक उपयोग की सूचना का काम भी महिलाओं द्वारा किया जाएगा।

प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी

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