एक तरफ कोरोना तो दूसरी तरफ पेट की आग उससे भी ज्यादा सितम ढा रहा भरोना
सिटी रिपोर्टर अब्दुल मुईद एसएम न्यूज़24टाइम्स
वर्तमान समय में आदमी कोरोना से ज्यादा भुखमरी व जीविकोपार्जन से परेशान करोना के बाद उससे भी भयंकर बीमारी आ गई है भरोना कई दुकानदारों की तो आर्थिक कमर ही तोड़ चुका है कोरोना।
बाराबंकी। एक तरफ कोरोना जैसी महामारी तो दूसरी तरफ आम आदमी अपनी जीविकोपार्जन को लेकर काफी हैरान व परेशान दिखाई दे रहा है। वहीं सरकार द्वारा कई लुभावने वादे किये गये थे किन्तु इस कोरोना जैसी महामारी में दावों की पोल खोलकर रख दी है। कोरोना लाकडाउन खत्म होने के बाद उससे भी बड़ी बीमारी उभरकर सामने आ रही है जिसका नाम है भरोना। बिजली का बिल भरो, स्कूल की फीस भरो, किराया भरोना आदि तमाम तरह के देयों से आम आदमी काफी हैरान है, किन्तु न तो बिजली विभाग द्वारा आम जनता को कोई राहत दी गई है और न ही स्कूलों द्वारा कोई राहत दी जा रही है। आम आदमी सिर्फ सेनेटाइजर से हाथ धोते रह गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में सरकार के दावों की हवा निकलती दिख रही है इसी कारण आम आदमी परेशान होकर अपनी रोजी रोटी के जुगाड़ में इस भयंकर बीमारी में भी अपनी जान की परवाह किये बगैर दुकाने खोलकर बैठ रहा है। वही दूसरी तरफ न बिजली विभाग द्वारा कोई छूट दी जा रही है, दो-दो माह तक बन्द दुकानों से भी बिजली का बिल लगातार वसूला जा रहा है तथा घरेलू उपभोक्ताओं से भी बिल की वसूली लगातार जारी है। आम आदमी इन सब चक्करों में पड़कर अपने अपने प्रतिष्ठान खोलने को मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों की रक्षा के लिये बने व्यापार मण्डल भी व्यापारियों की समस्या को नहीं सुन रहा है, अगर व्यापार मण्डल इन फुटकर व्यापारियों की सुने और शासन प्रशासन तक इनकी आवाज पहुंचे तो कुछ हद तक लाभ जरूर मिल सकता है छोटे व्यापारियों को। मकान मालिकों द्वारा किरायेदारों को धमकाया जा रहा है और कहा जा रहा कि मकान तुमने किराये पर लिया है मोदी नहीं लिया है, क्या उन्होंने हमको कोई छूट दी है या बिजली का बिल माफ किया है। हम लोगों के पास खुद ही तंगी है हम तुम्हारा किराया कैसे छोड़ सकते हैं। वही दूसरी तरफ कई वसूली वाले लगातार आम जनता को परेशान कर रहे हैं कि अपनी बकायेदारी जल्द से जल्द जमा करो अन्यथा मकान खाली कर दो। कुछ दुकान मालिक व मकान मालिक थोड़ा बहुत समय तो दे रहे हैं किन्तु अपना बकाया वसूली बन्द नहीं कर रहे हैं।
जनपद में कई परेशान व्यक्तियों ने बताया है कि क्या करे अगर सरकार बिजली का बिल ही माफ कर देती तो हम लोगों को कुछ आराम मिल जाता, किन्तु दिमागी रूप से हम लोग काफी परेशान हो चुके है, एक तो दुकानदारी बहुत कम हो रही है वहीं दूसरी तरफ तमाम तरह के देयों के कारण हर समय दिमाग संतुलित नहीं रहता है। प्रेमचन्द्र निवासी देवा, बाराबंकी ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा जारी बिलों से मैं बहुत हैरान व परेशान है किन्तु मजदूरी में उधार पैसा लेकर बिल जमा कर रहा हूँ अगर न जमा करू तो बिजली विभाग हमारे घर की लाइट ही काट देगा, जिससे परिवार के लोग भी बिना लाइट के रहेंगे, जिससे उनके मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना है कि सरकार द्वारा जनहित में आम जनता को कुछ छूट दी जायेगी या इसी तरह वसूली जारी रहेगी या आम आदमी सिर्फ सेनेटाइजर से हाथ धोता रहेगा रह जायेगा।
सिटी रिपोर्टर अब्दुल मुईद एसएम न्यूज़24टाइम्स

