भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच अचानक लद्दाख पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
-11 हजार फीट ऊंची फारवर्ड लोकेशन पर सेना, एयरफोर्स, आईटीबीपी जवानों का हौसला बढ़ाया
नई दिल्ली। विगत 15 जून को गलवान घाटी में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के 18 दिन बाद भारत स-चीन सीमा पर तनाव के बीच आज सुबह 8.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख पहुंच गए। लद्दाख में नीमू में फारवर्ड लोकेशंस पर प्रधानमंत्री मोदी ने यहां पर सेना, एयरफोर्स और इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों से बात की और उनका हौसला बढ़ाया।
गौरतलब है कि जवानों को सरप्राइज करने के लिए पीएम मोदी पहले भी ऐसे आकस्मिक दौरे करते रहे हैं। करीब 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नीमू की टेरेन बेहद मुश्किल मानी जाती है। यह इलाका सिंधु नदी के किनारों पर स्थित है। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ इस बार लद्दाख दौरे पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी गए हैं। बॉर्डर पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्हें पहले सीनियर ऑफिशियल्स ने ब्रीफ किया, जिसके बाद पीएम ने जवानों को संबोधित किया। जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें भारतीय सेना का अनुशासन और कोरोना वायरस के चलते सावधानी साफ नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को यहां आने वाले थे, कल उनका दौरा रद्द हो गया था तब शुक्रवार को रक्षामंत्री के लद्दाख दौरे की संभावना जताई जा रही थी। लोकिन उनकी जगह लद्दाख पहुंच कर पीएम ने देश के साथ ही दुनिया को भी अचंभित कर दिया।
पीएम जवानों तथा देश को पहले भी देते रहे हैं सरप्राइज:
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात जवानों संग दिवाली मनाई थी। सैनिक उनकी इस सरप्राइज विजिट से बेहद खुश थे। पीएम ने बीजी ब्रिगेड हेडक्वार्टर्स में जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई थी। नवंबर 2018 में जब दिवाली आई तो पीएम मोदी ने नई जगह चुनी। इस बार वे उत्तराखंड के हारसिल में जवानों संग मिलने पहुंचे। उन्होंने तब केदारनाथ मंदिर में दर्शन भी किए थे। पीएम मोदी ने 2017 की दिवाली भी एलओसी के पास मनाई थी। तब वह कश्मीर के गुरेज सेक्टर में तैनात जवानों से मिलने पहुंचे थे। आर्मी जैकेट और सनग्लासेज पहने पीएम मोदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘मैं जब भी आपसे हाथ मिलाता हूं मुझे बड़ी ऊर्जा मिलती है। मैं देखता हूं कि इन कड़े हालात में आप कैसे तपस्या और त्याग’ कर रहे हैं। साल 2016 की दिवाली पीएम मोदी ने भारत-चीन बॉर्डर पर बनाई थी। तब वह आईटीबीपी, इंडियन आर्मी और डोगरा स्काउट्स के जवानों संग उनकी खुशियों में शरीक हुए थे। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में पीएम मोदी ने आईटीबीपी-आर्मी बेस कैंप पर जवानों के साथ 15-20 मिनट बिताए और उनमें मिठाइयां बांटी थीं।

