!!.बुंदेलखंड में कोरोना संकट में भ्रष्टाचार का खेल छतरपुर जिले में यातायात प्रभारी नृपेंद्र्र सिंह ने ट्रक चालकों से चालान के नाम पर बसूले 10-10 हजार रुपये नहीं दी चालान की रसीदें: ड्राइवर ने लगाए आरोप.!!

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

देश में कोरोना संकट के दौरान तमाम तरह का परिवहन बंद होने के बाबजूद जब सख्ती से लॉकडाउन लगाया गया था, देश के इतिहास में पहली बार ट्रेनों को भी बंद किया गया। ऐसे संकट के समय में ट्रकों के द्वारा ही एक शहर से दूसरे शहर राशन सामग्री के साथ-साथ लोगों को भी गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने के लिए यही ट्रक सबसे बड़ा साधन माने गये। लॉक डाउन में फंसी जनता ट्रकों के जरिए अपने-अपने शहरों तक पहुंच गई। सरकारों ने ट्रकों के परिवहन पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं लगाई और यहां तक कि सरकारों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मालवाहक वाहनों को किसी भी तरह से रोका न जाए। अब चूंकि देश का लॉक डाउन बंद हो गया, परंतु अनलॉक अभी भी जारी है। ऐसे संकट के दौरान पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए, परंतु कुछ पुलिस अधिकारी लोगों की मजबूरियों का नाजायज फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे है। छतरपुर यातायात थाना प्रभारी नृपेंद्र्र सिंह की कार्यशैली से ट्रक चालकों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है। सागर से सीमेंट लेकर ट्रक चालक राजेश ने बताया है कि वह छतरपुर होते हुए रीवा जा रहा था, छतरपुर में प्रवेश करते ही यातायात थाने के सामने उसको रोककर 35 हजार रुपये ओवर लोड के नाम पर मांगे गये। रुपये न देने के एवज में गाडी को जप्त करने की धमकी दी गई। चूंकि ट्रक में सीमेंट लदा था बारिश का मौसम होने के कारण ट्रक को खड़ा नहीं किया जा सकता था चालक के पास समस्त दस्तावेज उपलब्ध थे इसके बाबजूद उससे 10 हजार रुपये ले लिए गये। जिसकी उसको किसी भी प्रकार कि कोई भी रशीद तक नहीं दी गई। उसने बताया कि जिन ट्रक चालकों ने रुपये दे दिये उनको छोड़ दिया गया तथा जिन चालकों ने रुपये नहीं दिये उनको रोक लिया गया है। उसका कहना है कि मेरे साथ-साथ वहां पर एक दर्जन से अधिक ट्रकों को जबरजस्ती रोका गया और सभी के दस्तावेज होने के बाबजूद ओवरलोड होने का हवाला देकर चालन के नाम पर पुलिस के द्वारा अवैध बसूली की गई।

इनका कहना:-
मेरे पास अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है आपके द्वारा ही मुझे यह जानकारी प्राप्त हो रही है मैं इस मामले को गंभीरता से दिखवाता हूं।
सचिन शर्मा पुलिस अधीक्षक, छतरपुर
हमने किसी भी ट्रक चालक से गलत तरीके से कोई पैसा नहीं लिया है, चालान काटे गये है और कुछ गाडिय़ा थाने में अभी भी खड़ी हुई है। आप थाने में आकर के पूरी जानकारी ले जाइए।

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