8 मोहर्रम में घर घर सजे अलम लेकिन कोविड की गाइड लाइन्स के चलते नही निकले जुलूस हाय सकीना हाय प्यास, या सकीना या अब्बास की गुंजी सदाएं इमामबाड़ों में सजे अलम की सोशल डिस्टेन्सिन्ग के साथ कराई गई ज़ियारत पूर्ण स्वेक्षा के साथ ईश्वर के सामने आत्मसमर्पण करना ही वफा व क़ुर्बानी है – मौलाना तस्दीक़ हुसैन
नेवाज अंसारी संवाददाता
बाराबंकी -। इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा व बेगम गंज के इमामबाड़े में सजे आठवीं के अलम शोशल डिस्टेन्सिन्ग के साथ कराई गई ज़्यारत कोविड -19 एवं शासन प्रशाशन की गाइड लाइन के चलते जुलूस फातहे फुरात मुल्तवी किया गया अगले वर्ष तक के लिये ।
सुबह आठवीं मजलिस को सम्बोधित करते हुये मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा ईश्वर क्षमा उन्हीं को करता है जो क्षमा मांगने के बाद गलती को दोहराते नहीं । संसार में शान्ती का संदेश फैला है तो पैगंबर व उनकी संतानो के द्वारा। जिसने हर मज़हब व मिल्लत के लोगों के दिलों पर असर किया। इंसानियत का पैगाम देने वाले, मोहम्मद (स अ व) के नवासे फातिमा ( स अ) के लाल का आज इसी लिए घर घर हो रहा मातम।
मौलाना गुलाम अस्करी हाल देवा रोड में आठवीं मजलिस को सम्बोधित करते हुये मौलाना नक़ी अस्करी ने
कहा जो ईश्वर के पैरोकार होते हैं । ईश्वर उन लोगों को अपने संरक्षण में ले लेता है। जब आखरी इमाम आयेंगे संसार पाप मुक्त हो जायेगा।
आखिर में करबला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर अज़ादार रो पड़े । मजलिस से पहले डा रज़ा मौरान्वी,कशिश सन्डील्वी,मुज़फ्फ़र इमाम, हाजी सरवर अली कर्बलाई ने नज़रानये अक़ीदत पेश किये। कटरा मोहल्ला स्थित आगा फ़ैयाज़ मियांजानी के अज़ाखाने में मजलिस को अली अब्बास साहब ने सम्बोधित करते हुये कहा अल्लाह ने पन्जतन पाक को खुद पहचनवाया । सत्य की राह में जीवनदान देना ही असली जीवन है । रसूल पुर में मोहसिन साहब के अज़ाखाने में मौलाना तस्दीक़ हुसैन साहब ने करबला वालों का दु:ख प्रकट करते हुए कहा कि पूर्ण स्वेक्षा के साथ ईश्वर के सामने आत्मसमर्पण करना ही वफा व क़ुर्बानी है । कर्बला सिविल लाइन , अस्करी नगर ,अली कालोनी दयानंद नगर , करबला सिविल लाइन , बेगम गंज ,तकिया ,पीर बटावन,असद नगर ,देवां ,फतेहपुर , जैदपुर , असन्द्रा , मीरापुर , मोती पुर , रसूल पुर , जरगांवां , सरैयां , मिर्चिया , टिकरिया , सन्गौरा , केसरवा , मौथरी आदि गांवों कस्बों में भी घर घर मजलिसों का सिलसिला शासनादेश के अनुसार जारी है ।
कोविड -19 के चलते इस वर्ष इमाम हुसैन (अ)का गम सावधानियों के साथ मनाया जा रहा है । हर तरफ़ या हुसैन या हुसैन एवं या अब्बास की सदाएं गूंज रही है ।इमाम हुसैन (अ) के गम में हर मज़हब व मिल्लत के लोग शामिल है । मजलिस से पहले डा रज़ा मौरान्वी, मुहिब रिज़वी,कलीम रिज़वी ,बाक़र नक़वी , सरवर अली कर्बलाई,मौलाना अली मेहदी , नदीम रिज़वी , सलीम,शबी अहमद आब्दी, मोहम्मद, अदनान रिजवी, कामयाब सन्डील्वीनजफी , ज़ाकिर इमाम , अयान , गाज़ी इमाम आदि लोगों ने नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।मजलिसों का आरंभ तिलावते कलाम पाक से किया गया ।नेवाज अंसारी संवाददाता
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