गांव के ही निकले दोनो हत्यारे आरोपी पर पाक्सो एक्ट के तहत होगी कार्यवाही

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

बाराबंकी। स्थानीय पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। डिजिटल सबूतों के जरिए नाबालिग दलित लड़की से गैंगरेप कर हत्या करने वाले आरोपी दिनेश गौतम के बाद आज ऋषिकेश सिंह उर्फ रिशू सिंह को पुलिस गिरफ्तार किया है। दोनो आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस उससे मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। शनिवार को डीएम डॉ आदर्श सिंह एएसपी एवं एसपी प्रभारी आरएस गौतम ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान घटना का खुलासा करते हुए बताया। उन्होंने बताया कि सतरिख थाना अंतर्गत पिपरी टोला सेठमऊ निवासी दिनेश गौतम ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एक अन्य आरोपी की जानकारी दी। आरोपी दिनेश गौतम ने पूछतांछ के दौरान पुलिस को बताया कि ग्राम सेठमऊ निवासी ऋषिकेश सिंह पुत्र विशाल सिंह उसका करीबी साथी है। जिसकी गांव में किराने की दुकान है। घटना के दिन जब अभियुक्त दिनेश गौतम अपनी बहन का इलाज कराने के बाद गांव वापस आ रहा था तभी ऋषिकेश ने उसे बताया कि मृतका आज अकेले धान के खेत में गयी है। उसके बाद दोनो अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनो अभियुक्तों के विरुद्ध पाॅक्सो एक्ट के तहत धारा 302, 376 के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है। बताया जाता है कि मृतका नाबालिग थी। जो प्राथमिक विद्यालय में दर्ज जन्म तिथि प्रमाणपत्र के आधार पर पाया गया। विदित हो कि मृतका युवती बुधवार की शाम करीब 4 बजे धान काटने गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में गयी थी। अंधेरा होने के बाद भी जब युवती घर नही लौटी तो परिजनों को चिंता हुई, जिसके बाद जब युवती का पिता और परिवार के अन्य लोग उसे खोजते हुए खेत पहुचे तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन निकल गयी। परिजनों के मुताबिक खेत मे धान की फसल के बीच युवती का शव अर्धनग्न अवस्था मे पड़ा था और उसी की कमीज से उसके दोनो हाथ पीठ के पीछे करके बंधे हुए थे। शव से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतका की चप्पल पड़ी थी और आस पास की धान की फसल भी रौंदी पड़ी थी। घटना के बाद से ही कानून व्यवस्था के मद्देनजर पिपरी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

सपा प्रतिनिधि मण्डल पहुँचा मृतका के गाँव


बाराबंकी। भाजपा सरकार में अराजकता का माहौल है। प्रदेश में अपराधिक वारदाते थमने का नाम नही ले रही है। सेठमऊ पिपरी की घटना में प्रशासन की भूमिका सदिंग्घ है। मृतका के परिवार की मदद के बजाये प्रशासन अपराधियों के बचाने की कोशिस की जा रही हैं। उक्त वक्तव्य आज समाजवादी पार्टी के प्रदेश के अवाहन पर एक प्रतिनिधि मण्डल पिपरी गांव में मृतका के परिवार से मिलने के पश्चात नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री फरीद महफूज किदवई ने व्यक्त किये। फरीद महफूज किदवई ने कहा कि बाराबंकी के सेठमऊ के पिपरी की लड़की के साथ गैंगरेप जघन्य अपराध हुआ शासन व प्रशासन को इस पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए पर प्रशासन मौन है। पीड़ित परिवार की कोई भी मदद सरकार ने नही की। सदस्य विधान परिषद राजेश यादव राजू ने कहा कि भाजपा सरकार के लोग अपराधियों को शरण दे रहे हैं। सरकार के लोगों के सरंक्षण में अपराधी पल रहे है, जो समाज के लिए कैंसर की बीमारी की तरह बढ़ रहे हैं। जब प्रदेश नहीं सभल रहा है, तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पूर्व मंत्री राकेश वर्मा ने भी इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि घटना की जांच निषपक्ष करायी जाये। प्रतिनिधि मण्डल में शामिल सदर विधायक सुरेश यादव ने मृतका के परिवार को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घटना में शामिल अन्य अपराधियों को गिरिफतार किया जाये। प्रतिनिधि मण्डल में शामिल रहे। विधायक गौरव रावत, पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, पूर्व विधायक राम मगन रावत आदि मौजूद रहे।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

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