कोवैक्सीन को ‘पानी’ बताने भड़के भारत बायोटेक प्रमुख इल्ला, बोले- हमने 200 फीसदी ईमानदार क्लीनिकल परीक्षण किए
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714
नई दिल्ली। घातक कोरोना वायरस की रोक के लिए वैस्सीन की तलाश पूरी होने के बाद भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को जब से आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली है, तब से इस पर बवाल जारी है। कोई इसके प्रभाव पर सवाल कर रहा है तो कोई इसे बैकअप वैक्सीन कह रहा है। भारत बायोटक की वैक्सीन पर जारी घमासान के बीच कंपनी के चेयरमैन कृष्णा इल्ला ने पलटवार किया है और कहा कि हम एक ग्लोबल कंपनी हैं और हमारे ऊपर ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए कि हम क्लिनिकल अनुसंधान नहीं जानते। सीरम के अदार पूनावाला द्वारा अप्रत्यक्ष तौर पर कोवैक्सीन को पानी बताए जाने पर भी उनका दर्द छलका है और कहा है कि हमारी वैक्सीन पर ऐसे सवाल नहीं उठाने चाहिए। टीके को इसकी प्रभावशीलता के आंकड़े के प्रकाशन के बिना आपात इस्तेमाल की अनुमति देने को लेकर उद्योग विशेषज्ञों और विपक्षी पार्टियों द्वारा सवाल उठाये जाने के बाद इस टीका निर्माता कंपनी के चेयरमैन कृष्णा इल्ला ने सोमवार को आलोचकों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके फर्म ने 200 फीसदी ईमानदार क्लीनिकल परीक्षण किए हैं।
भारत बायोटेक के चेयरमैन कृष्णा इल्ला ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी कंपनी का सुरक्षित और प्रभावी टीके के उत्पादन करने का एक रिकार्ड है और वह सभी आंकड़ों को लेकर पारदर्शी है। उन्होंने कहा, ‘हम न केवल भारत में क्लीनिकल परीक्षण कर रहे हैं। हमने ब्रिटेन सहित 12 से अधिक देशों में क्लीनिकल परीक्षण किये हैं। उन्होंने कहा कई लोग सिर्फ भारतीय कंपनियों पर निशाना साधने के लिए अलग तरह से बातें कर रहे हैं। यह हमारे लिए सही नहीं है।’ उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन ने कई वायरल प्रोटीन के खिलाफ एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के साथ एक उत्कृष्ट सुरक्षा डेटा उत्पन्न किये हैं। इल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी ने 200 प्रतिशत ईमानदार क्लीनिकल परीक्षण किये हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे एक सप्ताह का समय दें, मैं आपको पुष्ट आंकड़े दूंगा। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत बायोटेक ने 16 टीके बनाए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम केवल एक भारतीय कंपनी नहीं बल्कि वास्तव में एक वैश्विक कंपनी हैं। लोगों को यह आरोप नहीं लगाना चाहिए कि हम क्लीनिकल अनुसंधान नहीं जानते।’
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