छुटभईया नेताओं की गंदी राजनीति का शिकार हो रहा है गरीब परिवार -चुनाव के मद्देनजर कई प्रत्याशी सेंक रहे हैं राजनीतिक रोटियाँ
संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8564852662
जिधर देखोगे, हर गली से कातिल ही नजर आएँगे। मामला बेसकीमती जमीन जैदपुर का ?
बाराबंकी। वर्तमान समय में जनपद बाराबंकी चुनाव का माहौल है कोई प्रधानी तो प्रमुखी तो कोई चेयरमैनी हत्याने के लिए जनता के बीच धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीति रोटीयां सेंकने के चक्कर में पीड़ित परिवार के जान माल के दुश्मन बन गयें है।जो वोट बैंक की खातिर धार्मिक उन्माद फैलाकर दंगा कराने की फिराक में भी हैं। और दिनांक 05/03/2021 को मदरसा में पढ़ रहे बच्चों को बहला-फुसलाकर यह ट्रेनिंग दी गई थी कि वह घटना के समय उसके मकान को तोड़फोड़ कर आगजनी कर दें और ऐसा ही हुआ वहां मौजूद भीड़ में बच्चों के साथ बड़े भी मिलकर मकान का छप्पर एवं दीवार गिरा दी और इन पत्थरों से हमला कर दिया पीड़ित महिला ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया नहीं तो यह घटना एक बार की सुर्खियां बन जाती ।
रहनुमाओ की बस्ती में जब-जब आवाज लगाओगे,
पलटकर जिधर देखोगे हर गली से कातिल ही नजर आएँगे!
जैदपुर कस्बे में वर्तमान समय में कई कुछ असमाजिक तत्वों ने नेताओं से मिलकर बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने की नियत से पूर्वजों के जमाने से काबिज हसते खेलते परिवार को उजाड़कर रोड पर लाना चाहते हैं। कई प्रत्याशी तो चुनाव में इण्ट्री के लिए घर-घर जाकर नौजवानों को बरगलाकर और भीड़ इकट्ठा करके अपने दिव्य स्वप्न को पूरा करना चाहते हैं। वैसे पुलिस की सक्रियता के कारण इन कथित नेताओं के हौसले नेस्तानाबूत नजर आ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के पीड़ितजन शाह कटरा में झोपड़ीदार मकान जिसमें कच्ची दीवाल व छप्पर पड़े हुए हैं जो गाटा संख्या-1618 में बने हैं जो लगभग 7 बिस्वा में बने हुए हैं, जिसमें नीम, गूलर, शीशम, पकरिया आदि के पुराने पेड़ लगे हैं जिनकी उम्र लगभग 100 वर्ष से अधिक है जिनको पीड़ितजन के दादा घीसा ने लगाया था। पीड़िता ने अपनी जमीन में एक बड़ा कमरा बनाया है जिसमें स्लेब पड़ी है व टीन भी पड़ी हुई है। जैदपुर के ही डा0 अफजाल, मुख्तार शाह ,अताउल्ला पुत्र अब्दुल समद, मेराज पुत्र ईदू, हाजी मोहर्रम अली, हाजी सग्गा आदि लोग संगठित गिरोह बनाकर पीड़ितजन के घर पर हमला कर चुके हैं। पीड़िता ने इसकी शिकायत जनपद के उच्च अधिकारियों से की पर राजनीतिक दबाव होने कारण अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई भुक्तभोगी महिला ने बताया कि गांव के इमामुद्दीन, मेम्बर नगर पंचायत हफीज, मुन्ना पुत्र छोटेक निवासी मो0 छोटी बाजार व इमामुद्दीन मो0 वसीनगर यह लोग ईंटा पत्थर चलाते हुए पीड़िता का पल्ला दरवाजा, तख्त, पंलग, बक्सा आदि तोड़ चुके हैं तथा कब्रिस्तान की बाउण्ड्री सरकारी भी तोड़ दिया और पीड़िता अफसाना को हफीज ने मार पीटा तथा उनके नाम की कील सोने की जबरदस्ती निकाल लिया और मुन्ना तथा इमामुद्दीन व हफीज ने पीड़िता की लड़की महजबी उम्र करीब 16 साल के हाथ पकड़ लिये और गंदी-गंदी गालियां देते हुए उसे गिरा दिया और उसके साथ छेड़छाड़ किया जहां पर साइमा व खुशबू मौजूद थी जिनके भी ईंट पत्थर की चोटें लगी है। डाॅ0 अफजाल व मेराज ने कूटरचना करके पूर्वजों के जमाने के घर पर कब्जा करना चाहते हैं। किन्तु विपक्षीजन काफी शातिर व चालबाज व फितरती व्यक्ति हैं वह लोग धर्म विशेष का संगठन बनाकर लोगों को उकसाकर किसी भी तरीके से जमीन को हथियाना चाहते हैं।
उपरोक्त मामले में जब गौर किया गया तो सबसे दिलचस्प बात यह नजर आई कि चुनाव में संभावित प्रत्याशी अपना अपना जोर लगाकर नेतागीरी चमका रहे हैं, इसमें कई तरह के नेता हैं जिनकर कई संगीन मुकदमें भी दर्ज हैं, इस कारण कोई भी घटना करवाने से नही डर रहे हैं, प्रत्याशी का मूल उद्देश्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बनकर अपनी ताकत का एहसास कराना है। अगर इसी तरह कथित नेता गंदी राजनीति करते रहे तो आने वाले समय में कोई भी घटना गिरोह द्वारा अंजाम दी जा सकती है। वैसे स्थानीय पुलिस कुछ हद तक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय नजर आ रही है।
पीड़िता पहुंची न्यायालय की शरण में
पीड़िता ने थक हार के एक वाद अफसाना बानो आदि बनाम मो0 उमर आदि न्यायालय श्रीमान सिविल जज जू0डि0 महोदय, कोर्ट संख्या-13, बाराबंकी में मूलवाद संख्या-422/2021 दाखिल किया है जिसमें अग्रिम तिथि 08.04.2021 नियत है फिर भी विपक्षीजन न्यायालय की लगातार व अवमानना कर रहे हैं।
यह है पूरा मामला ?
पूर्व में जैदपुर कस्बे के निवासी ताजदार फातिमा जो की छोटी सरकार की जमीदार थी और तमाम जमीनों एवं बाग खेत की मालिक थी ताजदार फातिमा के यहां पीड़िता के दादा घीशा पुत्र रंगाई व दादी घर का काम काज करते थे और बच्चों को खिलाती व देखभाल करती थी जिससे खुश हो कर ताजदार फातिमा ने पांच बिगहा बत्तीस विस्वानसी में से घीश पुत्र रंगाई को मकान बनाने के लिए मोहल्ला शाहकटर में साढ़ेसात विश्वा जमीन दिया था बाकी जमीन कस्बे के तेली, हलवाई, शिया समुदाय को कब्रिस्तान बनाने के लिए दिया था जिसकी देखभाल वा कब्र खोदने के लिए घीशा को तकियादार नियुक्त किया। जिस पर घीशा अपने पूरे जीवन भर रहते रहे। घीश के दो पुत्र मोहम्मद रसीद व मुबारक पुत्र घीश थे। रसीद की पुत्री अफासाना बानो, शायमा बानो व एक पुत्र मोहम्मद शकील है मुबारक अली के कई आॅल औलाद नहीं थी। इसलिए उन्होंने अपने भाई की बेटियों को गोद ले लिया था। वर्तमान समय में अफसाना बानो व बनो की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष है जो अपने पिता दादा की संपत्ति पर जन्म से रहती चली आ रही है। विपक्षियों का आरोप है कि उक्त कब्रिस्तान में कब्र खोदने के लिए एक तकिया रखा था जोकि पक्का मकान बना रहे हैं। जबकि पीड़िता का मकान दादा ने बनवाया था बीते वर्ष मकान के सामने से नाला निकला जिसमें उसकी सामने की पुरानी दीवार गिरा दी गई नाला निर्माण के बाद पीड़िता ने बैंक से कर्ज लेकर सामने की दीवार पुनः बनवाई है और कोई नया निर्माण नहीं किया है जिसको विपक्षीजन होने वाले चुनाव में लाभ के खातिर टुच्ची हरकतें कर रहे हैं।
विपक्षियों को नहीं है कोई हक व अधिकार
जैदपुर कस्बे के तालुकेदार ताजदार फातिमा ने उक्त भूमि पर पीड़िता के दादा घीसा पुत्र रंगई को मकान बनाने के लिए दिया था बची हुई जमीन का शेष हिस्सा शिया समुदाय, हलवाई, तेली समाज को दिया था, तब से लेकर आज तक पीड़िता उक्त जमीन पर काबिज दाखिल चली आ रही है। उक्त विवादित जमीन जो कि ताजदार फातिमा के नाम से अंकित है और नाॅनजेडए पर दर्ज है यदि किसी को आपत्ति हो तो ताजदार फातिमा के उत्तराधिकारी रजामियां, कौसर मियां, दिलकश रिजवी आदि दर्जनों लोग मौजूद हैं जो कि उनके जायज व हकदार व वारिस हैं। विपक्षीजन एक संगठित गिरोह बनाकर केशकीमती जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और धार्मिक उन्माद फैला राजनैतिक संरक्षण में मौके का फायदा उठा रहे हैं।
संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8564852662

