
बाराबंकी। सरकार हर मोर्चे पर फेल और झूठें आंकड़े मीडिया में प्रस्तुत करके अपनी पीठ खुद थपथपा रही है जबकि वास्तव में साढे चार साल में जरा सी बरसात में गांव व शहर तो छोड़ दीजिए राजधानी लखनऊ में भी विकास बिलबिला रहा है। वहीं नवीन मण्डी के सामने ओवरब्रिज भी गढ्ढा मुक्त नहीं रह गया है। जनपद के तहसील हैदरगढ़ अंतर्गत ग्राम हसनपुर के गौशाला दर्दनाक दृश्य देखकर ऐसा लगता है कि सरकार सिर्फ गाय को चुनाव के समय इस्तेमाल करती है बाद मंें चारा न मिलने भूख से तड़प मर रही है गाय! गोवंशीय पशुओं का बुरा हाल, जिम्मेदार कौन? उक्त बात ग्राम रसूलपुर कला, पोस्ट अलियाबाद जिला बाराबंकी के निवासी युवा अधिवक्ता मो0 उमर मुख्तार ने जारी बयान में कही।
श्री उमर ने आगे कहा कि सरकार लाख झूठ बोले लेकिन लेकिन सच्चाई सबके सामने है जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ और भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रामसनेहीघाट के गौशाला क्यों ना हो चाहे फतेहपुर के गौशाला क्यों ना हो चाहे हैदरगढ़ के गौशाला क्यों ना हो चाहे सिद्धौर के गौशाला क्यों ना हो ऐसे जिले में नहीं पूरे उत्तर प्रदेश में यही कहर देखने को मिल रहा है। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को तत्काल नौकरी से हटाया जाये। अन्यथा सरकारे बहुत आई बहुत चली गई लेकिन जो हाल गोवंश बुरा हाल इस सरकार में उतना बुरा हाल किसी भी सरकार मंे नहीं था।
श्री उमर ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री आवास के साथ-साथ यह सरकार जनता का शौचालय भी खा गई है, झूठ बोलकर सत्ता हासिल करना सिर्फ भाजपा का मकसद है, जनता ऊब चुकी है ऐसी भ्रष्ट सरकार से, शहर में नाले व नालों की सफाई सिर्फ कागजों पर की जाती है और रूपया हड़प कर लिया जाता है। अगर ईमानदारी से जांच हो जाये तो सरकारी कई नेता जेल की सलाखों के पीछे नजर आयेंगे। नगर पालिका परिषद नवाबगंज के जिम्मेदार तो कान में तेल डाले अपने महलों में बैठे हैं, वहीं मतदाताओं के घरों में पानी भरा है। शहर की जमुरिया की हरित पट्टिका पर कई धन्नासेंठों ने अपनी दबंगई के बल पर कब्जा कर रखा है जिससे जमुरिया का स्वरूप बदल गया और पानी की उचित निकासी न होरे के कारण ही जलभराव है, प्रशासन इन हालत में भी नहीं चेता है, कही और बरसात हो गई तो कई अप्रिय घटनाएं हो सकती है। शहर के नवीन मण्डी के सामने ओवरब्रिज भी गढ्ढा मुक्त नहीं रह गया है।
वहीं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बुरा हाल है लगता है गढ्ढों में सड़क बनाई गई है, जुर्माने के नाम पर भारी वसूली की जाती है किन्तु अगर रोड खस्ताहाल है तो उसका जिम्मेदार कौन है? गाय के नाम पर राजनीति करने वाले पता नहीं कहा मर गए हैं, जनपद की गौशालाओं की हालत बहुत ही दयनीय है, गाय भूख प्यास से मर रही है किन्तु जिम्मेदारी बोगस बयानबाजी करके सरकार की उपलब्धियां बेशर्मी से गिरा रहे हैं। जनता इनके झूठ को खामोशी से सुन रही है और वक्त आने पर इन झूठें नेताओं को माकूल जवाब देगी। भाजपा के नेताओं को बहुत घमण्ड आ गया है झूठ को चासनी में डुबे कर जनता के सामने पेश कर रहे हैं किन्तु उनको यह नहीं मालूम कि झूठ का महल ज्यादा दिन तक नहीं टिकता है।

