बाराबंकी। प्रशासन की उदासीनता का दंश झेल रहे हैं किसान वहीं कागजों पर गौशाला बनाकर लूट खसोट की जा रही है। भाजपा सरकार गाय के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है
जबकि वास्तव में आवारा जानवरों से किसानों के साथ-साथ राहगीर भी चोटहिल होकर जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। उक्त विचार युवा अधिवक्ता एवं समाजवादी पार्टी के अधिवक्ता सभा के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद शफीक किदवाई ने जारी बयान में कही।
श्री किदवाई ने आगे बताया कि गौशाला के नाम डकारे जाता है वहीं सड़कों पर झुंडों में घूमने या बैठने वाले आवारा जानवर अभी तक ट्रैफिक में ही बाधा डाल रहे थे। अब वे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। आवारा पशुओं के कारण कई वाहन चालक चोटहिल हो चुके है। इसके बाद भी आवारा पशु पूरी शान से रोड पर घूम रहे हैं। प्रशासन के मदाखलत अमले में आवारा पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। लगातार सड़कों पर आवारा पशुओं की संख्या बढ़ ही रही है। आवारा पशुओं को पकड़ने और उन्हें रखने के लिए प्रशासन द्वारा बार-बार सिर्फ बताया जाता है किन्तु कोई अमल नहीं किया जाता है। आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई जमीनी स्तर पर कार्य न होने से किसानों के साथ साथ आम जनता भी त्रहिमाम कर रही है। वही विभाग शिकायत करने के बाद भी सिर्फ खानापूर्ति करता दिख रहा है।
वहीं प्रशासन जब कोई किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए कटीले तार लगा लेता है तो उसके विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया जाता है। वही आवारा जानवर जब फसल बरबाद कर देते हैं तो प्रशासन क्षतिपूर्ति भी नहीं देता है। मौजूदा सरकार किसानों को सब तरफ से मार रही है।

