बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के नजरबंद करने से बाराबंकी में काफी आक्रोश।
बाराबंकी। देश का किसान भाजपा सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा अपनी सरकार की विदाई से भाजपा के पदाधिकारियों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चन्द्र मिश्रा को नजरबंद कर दिये जाने से बहुजन के कार्यकर्ता बहुत आहत है। पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच हो। अन्नदाताओं के साथ इस तरह की कायरता पूर्ण घटना की जितनी भी निन्दा की जाये कम है। उक्त बयान बहुजन समाज पार्टी के युवा प्रत्याशी डा0 विवेक सिंह वर्मा ने खीरी की घटना पर व्यक्त किये।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चन्द्र मिश्रा को कल देर रात लखनऊ में उनके निवास पर नजरबंद कर दिया गया। जिससे सरकार की हिटलरशाही साफ देखी जा सकती है। प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया, भाजपा सरकार जनता की आवाज को दबाना चाहती है। श्री वर्मा ने बताया कि यह जुल्मी सरकार बहुजन समाज के पार्टी के नेताओं के प्रतिनिधित्व मण्डल को घटना स्थल लखमीपुर खीरी जाने से रोक रहा है ताकि घटना की सच्चाई जनता के सामने न आ सके।
उन्होंने मांग किया कि किसान हत्याकाण्ड की सही जांच सरकार नहीं होने दे रही है और अपने नेताओं को बचाने के लिए झूठी बयानबाजी कर रही है। हम सभी बसपा के कार्यकर्ता घटना की घोर निन्दा करते है। खीरी की घटना देश के लिए बहुत ही दुखद घटना है। देश का किसान भाजपा सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा, वही अपनी सरकार की विदाई से भाजपा के पदाधिकारियों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच हो। अन्नदाताओं के साथ इस तरह की कायरता पूर्ण घटना की जितनी भी निन्दा की जाये कम है। भाजपा के दो मंत्रियों की संलिप्तता के कारण सरकार बहुत दबाव में काम कर रही है। उक्त घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए, पीड़ितों को एक-एक करोड़ रूपया तथा परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी तत्काल दी जाये तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाये।

