कोटेदार के पति से रात में ट्रांसफर कराए 10 हजार रुपये, प्रधान का बेटा भी नामजद। डीएम का स्टेनो, डीएसओ का लिपिक बनकर की ठगी।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान - बदायूं 9719216984
बदायूं। कोटेदार के पति से डीएम का स्टेनो व डीएसओ कार्यालय का लिपिक बनकर 10 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। इस कृत्य में गांव के प्रधान का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है। घटनाक्रम महीनेभर पुराना है लेकिन अभी तक इस मामले में प्रशासनिक अफसरों का निर्देश और पुलिस की जांच का पचड़ा था। हालांकि अब प्रधान के बेटे समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामला उसहैत थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर पुख्ता का है। यहां रहने वाले सहदेव की पत्नी पूजादेवी गांव की कोटेदार हैं। कोटा वितरण की ड्यूटी की जिम्मेदारी प्रधान के बेटे जितेंद्र की है। मुकदमे के मुताबिक 25 मार्च को राशन वितरण के बाद रात तकरीबन 10.30 बजे जितेंद्र ने सहदेव के मोबाइल पर कॉल करके बताया कि उसका कोटा निरस्त होने वाला है। यह सुनकर सहदेव भी भौंचक्के रह गए, क्योंकि उनके कोटे की कोई शिकायत नहीं थी। ऐसे में उन्होंने जितेंद्र की बात को अनसुना करना चाहा।
जितेंद्र ने अपनी बात सही साबित करने के लिए कांफ्रेंस के जरिये दो लोगों को जोड़ा। इनमें एक खुद को डीएम का स्टेनो बता रहा था तो दूसरा डीएसओ (जिला पूर्ति अधिकारी) आफिस का लिपिक। इन दोनों ने भी कहा कि कोटा निरस्त होने वाला है तो सहदेव इस झांसे में आ गए। मामला रात में ही सुलटाने का आश्वासन भी उसी वक्त दिया गया और 50 हजार रुपये तुरंत देने की डिमांड रखी गई। झांसे में आए सहदेव ने आनन-फानन में गांव के जनसेवा केंद्र से रात तकरीबन 11.15 बजे 10 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से एक शातिर के नंबर पर ट्रांसफर करवा दिए। जबकि दूसरे दिन डीएम ऑफिस आकर पता किया तो जानकारी हुई कि उस नाम व नंबर का व्यक्ति वहां तैनात नहीं है। ठगी का एहसास होने पर डीएम से तभी शिकायत की गई। पुलिस ने ममले की जांच मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान – बदायूं 9719216984

