शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में प्रेमी को सुनाई सात साल की सजा साथ ही लगाया 30 हजार का अर्थदंड

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में प्रेमी को सुनाई सात साल की सजा साथ ही लगाया 30 हजार का अर्थदंड

एडीजे व फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ पासवान की अदालत ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में प्रेमी को 7 साल की सजा और साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।एडीजीसी शैलेंद्र अग्रवाल के मुताबिक फिरोजाबाद के थाना नारखी क्षेत्र की रहने वाली युवती ने 18 सितंबर 2015 को अलीगढ़ के एसएसपी को तहरीर दी थी,जिसमें कहा गया था कि वह नोएडा में एक कंपनी में नौकरी करती थी।उसी कंपनी में महेंद्रपाल सिंह पुत्र कुंवरपाल सिंह निवासी खेलपुरा थाना जवां में काम करता था।इस दौरान महेंद्र पाल ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए।गर्भवती होने पर गर्भपात करा दिया।बाद में महेंद्रपाल की किशनपुर की लड़की से रिश्ता तय हो गया।जब यह पता चला तो उसने लड़की के परिजनों को पूरी बात बता दी,जिससे उसका रिश्ता टूट गया।24 जनवरी 2015 को महेंद्रपाल के बहनोई व पिता उसे अपने गांव ले गए।शादी टूटने से जो सामान वापस गया उस बाबत 1.20 लाख रुपए देने के लिए दबाव बनाने लगे।इस पर वह अपने गांव चली गई।14 फरवरी 2015 को महेंद्र ने उसे फोन पर कहा कि उसकी तीसरी लड़की से शादी हो रही है।16 फरवरी को जब दोबारा थाने पहुंची तो पुलिस आरोपी के पिता को छोड़ चुकी थी।इसके बाद एसएसपी के आदेश पर महिला थाने में आरोपी महेंद्रपाल आदि के खिलाफ दहेज मुकदमा दर्ज कर लिया था।शुक्रवार को अदालत ने दोषी सिद्ध आरोपी महेंद्र पाल को दुष्कर्म में 7 साल की सजा व पच्चीस हजार जुर्माने से दंडित किया है।

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