आयतुल्लाह सैयइद अहमद खातमी का कहना है कि चुनाव में उपस्थित होकर ईरान की जनता ने “अमरीका मुर्दाबाद” के नारे को व्यवहारिक बना दिया।
तेहरान के इमामे जुमा ने नमाज़े जुमे के ख़ुत्बे में कहा है कि संसद तथा संविधान परिषद के चुनाव में पहुंचकर ईरानी जनता ने “अमरीका मुर्दाबाद” के नारे को व्यवहारिक रूप दे दिया।आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातमी ने कहा कि आज के चुनाव में जनता की भारी उपस्थिति ने शत्रु को क्रोधित कर दिया। उनका कहना था कि शत्रु और उससे संबन्धित संचार माध्यम, ईरानी जनता से चुनाव में भाग न लेने की विनती कर रहे थें किंतु जनता के उसके विपरीत अधिक संख्या में हाज़िर होकर शत्रुओं को मुंहतोड़ जवाब दिया। तेहरान के इमामे जुमा का कहना था कि चुनाव में जनता की भीड़, शत्रुओं के तिरस्कार और ईरानी राष्ट्र के अभिमान का कारण बनी है।
उन्होंने पश्चिमी एशिया के परिवर्तनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि शत्रु यह सोचते थे कि आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर क़ासिम सुलैमानी को शहीद करके प्रतिरोध के मोर्चे को कमज़ोर बना दिया जाएगा किंतु हालिया दिनों के दौरान इराक़ और लेबनान में अमरीकी विफलता तथा हलब से आतंकवादियों का पीछे हटना प्रतिरोध के मोर्चे के लिए खुशी की ख़बरे हैं। आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने सेंचुरी डील को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा कि अमरीका और ज़ायोनी शासन, क्षेत्र में शांति से अब रह नहीं पाएंगे।
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