माँ की ममता एवं त्याग घर को उजालों से खुशियों भर देता: अर्चना महिलाओं को बताए उनके अधिकार
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
त्रिलोकपुर बाराबंकी। माँ प्राण है ,माँ शक्ति है, माँ ऊर्जा है, माँ प्रेम, करुणा और ममता का पदार्थ है। माँ केवल जन्मदात्रि ही नहीं ,जीवन निर्मात्रि भी है। आरण्या वेलफेयर फाउंडेशन संस्था की सदस्य एवं प्राथमिक विद्यालय रहमतनगर की प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह ने आज प्रबन्ध समिति की बैठक में समस्त सदस्यों ,बच्चों एवं अभिभावकों को महिला दिवस जो कि 8 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाता है उसके विषय में बताया। बच्चों को नारी सम्मान करने की सीख दी। बच्चों को अपने अपने माताओं को सरप्राईज गिफ्ट दिलवाए जो बच्चों द्वारा स्वयं बनाया गया था। माँ का त्याग, बलिदान ,ममता एवं समर्पण अपनी संतान के लिए इतना विराट है कि उसके ऋढ को नहीं चुका सकते हैं। माँ की ममता एवं त्याग घर को उजालों एवं सबका जीवन खुशियों से भर देता है। बच्चों ने उक्त कथनो जैसे अपने विचार व्यक्त किए। महिलाओं को कई आवश्यक नम्बरों की जानकारी दी गई। जैसे महिला पावरलाईन 1090, पुलिस हेल्पलाइन 100, मेडिकल हेल्पलाईन 108, एंबुलेंस हेल्पलाईन 102, फायर सर्विस 101, रेल्वे हेल्पलाइन ईंत्यादि। माँ और बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बैठक का समापन सबको भोजन कराकर किया। इस अवसर पर कोरेना वायरस कोलेकर महिलाओं को जागरूक किया साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

