श्रीराम कथा व कन्या विवाह पर लगा राजनीतिक ग्रहण श्रीरामचरितमानस पाठ, भंडारा और कन्याभोज तक सीमित रहा मंदिर का कार्यक्रम

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

रामसनेहीघाट, बाराबंकी। वर्ष 2013 से छोटी हनुमानगढ़ी मंदिर भिटरिया पर अनवरत होने वाली श्रीराम कथा, विशाल भंडारा व सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम स्थानीय राजनीति व आपसी द्वेष भावना की शिकार हो गई अनवरत होने वाले इस आयोजन के बंद हो जाने से हिन्दू भावनाएं आहत हुई है। इस बार कथा श्रीरामचरितमानस पाठ व भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। बता दे रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के भिटरिया छोटी हनुमानगढ़ी मंदिर पर विगत वर्ष 2013 से श्रीराम कथा का आयोजन होता रहा है। कथा समापन के बाद विशाल भंडारा व सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन होता रहा है, गत वर्ष 2022 में श्रीराम कथा व सामूहिक विवाह का आयोजन भव्य तरीके से करने की तैयारी स्थानीय कमलेश वर्मा, जयकरन जयसवाल कल्लू, मंदिर पुजारी भैरव प्रसाद तिवारी, सानू बाबा सहित तमाम लोगो की तरफ से की गई थी हर वर्ष की भांति गत वर्ष भी कथा स्थल पर पंडाल तैयार किया गया, व्यास मंच बनकर तैयार किया गया पंडित जी कथा कहने के लिए आये, दो दिन पूर्व से कथा स्थल को सजाया जाने लगा, जब कथा का आयोजन शुरू हुआ। लोग कथा स्थल पर आकर बैठ गए, चर्चा है कि उसी समय आरोप है कि श्री राम कथा व सामूहिक कन्या विवाह के इस आयोजन को आपसी द्वैष भावना व राजनीति का ग्रहण लग गया, आरोप है कि एक फिल्मी अंदाज में तत्कालीन कोतवाल विनोद बाबू मिश्रा अपने पुलिस फोर्स के साथ कथा स्थल पर पहुचते है और कथा को यह कहकर बन्द करने का फरमान जारी करते है कि कथा स्थल सड़क का किनारा है, यह भी आरोप लगा था कि कोतवाल महोदय द्वारा व्यास मंच को तत्काल उजाड़ने का आदेश जारी करते हुए कहा था कि तुरंत हटा दो नही तो मुकदमा लिखकर जेल भेज दूंगा, यही नही तत्कालीन कोतवाल श्री मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने छोटी हनुमानगढ़ी मंदिर पर हो रही हनुमानजी महराज की आरती को भी बीच मे ही बंद करवा दिया था, बस क्या था लोगो भड़क गए और इसका विरोध करने लगे विरोध इतना बढ़ा की तत्कालीन उपजिलाधिकारी विजय कुमार त्रिवेदी को बीच मे आना पड़ा उनके समझने के बाद लोग कुछ शांत हुए, लोगो का कहना था कि पिछले 10 वर्षों से लगातार हो रही श्रीराम स्थल गलत था तो पिचले दो दिनों से लगातार कथा व कन्या विवाह का आयोजन चल रहा तब पुलिस को नही दिखाई दिया लेकिन जब कथा मंच लग गया उसे उजड़वाना व चलती हनुमान जी की आरती को कोतवाल द्वारा बन्द करवा देना हिन्दू भावनाओ को ठेश पहचाना था, जबकि कोतवाल का कहना था कि कार्यक्रम सड़क के किनारे करने व अधिक लाउंडस्पीकर लगाने का रोक होने के कारण कार्यक्रम बन्द कराया गया है ना कि बीच मे आरती को बंद कराया गया है। काफी विवाद चला राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा आवश्यक कार्य मे व्यस्त होने के कारण जब वह दो दिन बाद रामसनेहीघाट पहुँचे तो लोगो ने पूरी बात से अवगत कराया जिसके बाद उसी स्थल पर कथा का एक दिवस शेष बचा था उस एक दिवशीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया उसके बाद भंडारा व सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया गया। इस बार लोग कयास लगा रहे थे कि मंदिर पर श्रीराम कथा व भंडारा का आयोजन किया जाएगा लेकिन एक बार फिर हिन्दू भावनाओ को स्थानीय राजनीति व द्वेष भावना के चलते कष्ट हुआ लेकिन लोगो ने श्रीरामचरितमानस का पाठ व कन्या भोज विशाल भंडारे का आयोजन आगामी 30 मई को आयोजित किया जाएगा।  नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

 

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