स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान मे चलाये जा रहे अभियान “मेरी माटी मेरा देश…….
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी । अमृत महोत्सव के समापन अवसर पर सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान मे चलाये जा रहे अभियान “मेरी माटी मेरा देश ” तथा गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों , बलिदानियों एवं नायकों के नाम पर पट्टिकायें लगाने जैसे विविध आयोजनों केअन्तर्गत जिले के एक स्वतंत्रता सेनानी को उनके मृत्योपरान्त सम्मान दिलाने के लिए जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान ने प्रदेश के मुख्य मंत्री को पत्र लिखा है ।
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बाराबंकी के प्रधान राम कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रेषित पत्र मे कहा गया है कि सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम “मेरी माटी मेरा देश ” के अन्तर्गत ग्राम रसौली थाना सफदर गंज के निवासी स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्य कर्ता स्व •भगवान दास को यथोचित सम्मान दिया जाना चाहिए। पत्र मे कहा गया है कि भारत छोड़ो आन्दोलन मे शामिल होने के कारण उन्होने अंग्रेजी सरकार की यातनाएं सहीं थीं तथा जिला जेल बाराबंकी मे नजरबंद रहे थे । किन्तु उनके जीवन काल मे सरकार से उन्हे वह सम्मान नही मिला जिसके वह हकदार थे । इससे पूर्व स्वतन्त्रता सेनानी स्व•भगवान दास के पुत्र शांति स्वरूप ने प्रदेश के मुख्य सचिव और जिलाधिकारी बाराबंकी को पुनः प्रार्थनापत्र प्रेषित करके कहा है कि उसके पिता स्व भगवान दास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे , जिनको अंग्रेजों ने तमाम यातनाएं दी थी तथा जिला कारागार बाराबंकी मे नजरबंद रखा था । प्रार्थनापत्र मे कहा गया है कि सूचना विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा प्रकाशित पुस्तक ” स्वतंत्रता संग्राम के सैनिक संक्षिप्त परिचय (21) जिला बाराबंकी के पृष्ठ 34 पर वर्णित है कि ” भगवान दास पुत्र चुन्नीलाल ग्राम रसौली ,थाना सफदर गंज, बाराबंकी भारत छोड़ो आन्दोलन मे भाग लेने के कारण सन 1943 मे 20 अगस्त से 26 अक्टूबर तक जिला कारागार बाराबंकी मे नजरबंद रहे । प्रार्थी शांति स्वरूप अपने पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का एकमात्र अकेला वारिस है परन्तु आज तक उसे शासन द्वारा स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित का दर्जा प्रदान नहीं किया गया है ।
पत्र मे कहा गया है कि प्रार्थी के पिता स्व भगवान दास ने अपने जीवन काल मे निदेशक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद लखनऊ को प्रार्थनापत्र तथा पेंशन हेतु निर्धारित प्रपत्र पर प्रार्थनापत्र जिसमे तत्कालीन दो जन प्रतिनिधियों के प्रमाणपत्र तथा उनके साथ जेल मे रहे स्वतंत्रता सेनानी राम आसरे पेंशन न• 1868 निवासी मानपुर बाराबंकी तथा स्वतंत्रता सेनानी कल्लू दास पेंशन न• 1765 निवासी ग्राम हरख बाराबंकी के प्रमाणपत्रों सहित सेक्सन आफिसर गृह (, सामान्य ) अनुभाग 2 उत्तर प्रदेश सचिवालय को प्रेषित किया था किन्तु इसी दौरान प्रार्थी के पिता को पैर का फ्रेक्चर हो गया और वह बीमारी के कारण प्रकरण मे पैरवी नही कर सके थे । इस सम्बंध मे उक्त स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र ने प्रदेश सरकार के मुखिया , निदेशक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद लखनऊ, तथा जिला अधिकारी बाराबंकी को कई प्रार्थनापत्र दिये जांच हुई जांच मे इस तथ्य की पुष्टि हुई कि उसके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे और प्रार्थी उनका पुत्र तथा एकमात्र वारिस है किन्तु इसके बाद भी कोई सुनवाई नही हो रही है । गौरतलब है कि जिले के सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता स्व• भगवान दास की स्मृति मे उनकी समाधि के निकट ग्राम रसौली के अमृत सरोवर मार्ग पर “स्मृति द्वार ” बनवाने के लिए पत्र लिखा था जिस पर उप मुख्य मंत्री ने आश्वासन दिया था लेकिन कार्य विभागीय फाइलों मे लंबित पड़ा है ।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

