कोटेदारों का अपार जन सैलाब देखकर शासन प्रशासन के हाथ पांव फूले…
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
मसौली बाराबंकी । जिला अध्यक्ष रीता वर्मा की अगवाई में हुआ कार्यक्रम कोटेदारों का अपार जन सैलाब देखकर शासन प्रशासन के हाथ पांव फूले तत्काल डी0एम0 से हुई वार्ता 5 दिनों की भीतर समस्त मांगों का होगा निस्तारण

पूर्व में घोषित कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 9 जनवरी को बाराबंकी जनपद के समस्त कोटेदार साथी गवर्नमेंट कॉलेज के बगल ऑडिटोरियम में इकट्ठा होकर विचार विमर्श के पश्चात सर्व सम्मति से कोटेदारों के बीच में बैठक कर प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कोटेदार साथियों द्वारा जिलाधिकारी से मांग की गयी मेरे संगठन उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक और मेरे द्वारा स्वयं जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तक अपना ज्ञापन दिया गया था ज्ञापन में हम लोगों ने अन्य प्रदेशों की भांति हरियाणा में 200 गोवा में 200 केरल में 200 महाराष्ट्र में 150 राजस्थान में 125 गुजरात में ₹20000 मानदेय दिया जा रहा है इस तरह उत्तर प्रदेश में भी हम कोटेदार साथियों को ₹200 प्रति कुंतल लाभांश दिया जाए इस संबंध में प्रदेश अस्तर की हड़ताल जारी है जबकि पूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा कोटेदारों को तहसील बुलाकर उपजिला अधिकारी महोदय के समक्ष पेश किया जाता है और दबाव बनाया जाता है कि आप लोगों की हड़ताल से हमें कोई मतलब नहीं है आप लोग ज्यादा नेतागिरी के चक्कर में ना पड़े वितरण तिथि आ चुकी है 10 जनवरी से वितरण प्रारंभ कर दें वरना सभी कोटेदारों के खिलाफ एफ0 आई0 आर दर्ज होगी तब दिमाग सही हो जाएगा जिलाधिकारी महोदय से हमारे संगठन द्वारा पूछा गया की क्या हम लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ने का भी हक नहीं है संविधान में क्या मेरा यह अधिकार नहीं है इस पर तत्काल अंकुश लगवाया जाए जब प्रदेश नेतृत्व कहेगा की हड़ताल खत्म है तो सबसे पहले बाराबंकी जनपद के कोटेदार वितरण प्रारंभ करेंगे इस पर किसी प्रकार का दबाव किसी अधिकारी कर्मचारी द्वारा ना बनाया जाए इसको संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा इस पर जिला अधिकारी महोदय ने हमारे संगठन के प्रतिनिधिमंडल श्रीमती रीता वर्मा वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह नवाबगंज तहसील अध्यक्ष सुरेश बाबा जिला मीडिया प्रभारी जनाब तौफीक ब्लॉक अध्यक्ष देव कैलाश यादव से वार्ता के क्रम में कहा की बाराबंकी जनपद में कोई भुखमरी से राशन की कमी से किसी जन मानस को समस्या ना हो कोई अपनी घटना मृत्यु जैसी ना होने पाए इस पर हमारे संगठन के पदाधिकारी द्वारा निर्णय लिया गया कि हम दुकान खोलकर बैठेंगे वितरण तिथि पर कोई गरीब व्यक्ति आता है जिसको वास्तव में राशन की आवश्यकता है तो उसको हमारे कोटेदार साथी अपने घर से राशन देकर उसका पेट भरने का काम करेंगे लेकिन वितरण का बहिष्कार करेंगे मशीन ऑन नहीं होगी पूरे जनपद के समस्त ब्लॉकों में 3 वर्ष से ज्यादा तैनात पूर्ति निरीक्षक का तबादला आपके द्वारा किया जाए महोदय क्योंकि लंबे समय से एक ही ब्लॉक में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी, पंचायत सहायक व कार्ड धारकों के संपर्क में हैं हम कोटेदार साथियों को दबाया जाता है हम लोगों को चोरी करने पर मजबूर किया जाता है 100 200 ग्राम कटौती करने पर मजबूर किया जाता है कार्ड धारकों से और जो कटौती हम लोग करते हैं उसे कटौती किए हुए खाद्यान्न को बेचकर पूर्ति विभाग के अधिकारियों को हर महीने लाभांश का किसी ब्लॉक में 30% किसी ब्लॉक में 40% सप्लाई इंस्पेक्टर को देना पड़ता है इस प्रथा को बंद करवाया जाए जब जिले में सभी इंस्पेक्टर एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे नई जगह जाएंगे नए लोग होंगे उनको सिस्टम बनाने में समय लगेगा तब तक हम लोग अपनी व्यवस्था को सुचार रूप से लागू कर चुके होंगे प्रत्येक कार्डधारकों को समुचित गल्ला उचित मूल्य पर हमारे कोटेदार साथी देना प्रारंभ कर देंगे और हम लोग आर्थिक शोषण से बच सकेंगे।
जिला अधिकारी महोदय के चार्ज लेते ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा ठेकेदारों का 25% भुगतान रोक दिया गया था जिससे सिंगल डोर स्टेज डिलीवरी में काफी सुधार हुआ है लेकिन 2 महीने बाद फिर से ठेकेदार हम लोगों की दुकान तक राशन नहीं ले जाता है पूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा हम लोगों को डराया धमकाया जाता है और कार्ड धारकों से हम लोगों के खिलाफ झूठी शिकायत करवाई जाती है शिकायत के नाम पर हम लोगों को डरा धमका कर पैसे की अवैध वसूली की जाती है और हम लोगों को मजबूरी में 1किलोमीटर 2 किलोमीटर दूर से राशन अपने साधन से उठाकर ले जाना पड़ता है और ठेकेदार पल्लेदार भी साथ में नही भेजते हैं हम लोगों को पल्लेदार की व्यवस्था करनी पड़ती है और पल्लेदारी भी हम लोगो को देनी पड़ती है इससे हम लोगों का आर्थिक मानसिक शोषण होता है इस प्रक्रिया पर भी रोक लगाई जाए।स्टॉक रजिस्टर के नाम पर प्रत्येक नए वर्ष पर ₹2500से लेकर ₹5000 की अवैध वसूली की जाती थी रजिस्टर का वास्तविक मूल्य ₹200 है इसका संगठन ने भरपूर विरोध किया सप्लाई ऑफिस से रजिस्टर मिलना बंद हो गए हम लोगों ने बाहर से खरीद कर रजिस्टर कंप्लीट किया सप्लाई विभाग के अधिकारियों से दस्तक कराने हम लोग जाते हैं तो अधिकारी दस्तक करने से इनकार कर रहे हैं कह रहे हैं रजिस्टर तो बाहर से खरीद लिया है लेकिन सत्यापित करने का ₹4000 दोगे तब रजिस्टर सत्यापित होगा वरना नहीं होगा सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा हम लोगों का रजिस्टर सत्यापित नहीं किया जा रहा है इस पर कार्रवाई करते हुए हम लोगों को इस प्रथा से मुक्त करवाया जाए। समस्त ब्लॉकों के पूर्ति विभाग के कार्यालय में अवैध वसूली के लिए रखे हुए प्राइवेट लोगों को तत्काल ऑफिस से बाहर करवाया जाए यह लोग वही लोग हैं जो हम लोगों को फोन करके हम लोगों से पैसा वसूली करते हैं कहीं-कहीं पर पूर्ति निरीक्षक द्वारा हमारे कोटेदार भाइयों को भी अवैध वसूली के लिए अपने पास रखा गया है जैसे नवाबगंज तहसील में कोटेदार आशीष यादव कोटेदार संजय यादव को रखा है इसी तरह जनपद की समस्त तहसीलों में वसूली के लिए हमारे बीच के कोटेदार साथियों को रखा गया है उनको भी तत्काल ऑफिस से बाहर करवाया जाए जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से चल सके और हम लोग आर्थिक मानसिक शोषण होने से बच सके। जनपद के पूर्ति कार्यालय में तैनात प्राइवेट कर्मचारियों को 5 दिन के अंदर हटवाने का आश्वासन भी जिलाधिकारी महोदय ने दिया जनपद में सबसे ज्यादा शिकायतें देवा ब्लॉक की पूर्ति निरीक्षक गरिमा श्रीवास्तव की थी जिस पर जिलाधिकारी ने अस्वस्थ करते हुए 5 दिन के भीतर समस्त मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया इस अवसर पर सत्य प्रकाश सिंह, अखिलेश वर्मा, कृष्णानंद वर्मा, दीपक कुमार, नजमुल हसन ,कैलाश यादव, दिलीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद गुड्डू ,प्रेम कुमार , सैफुल्लाहक ,गजेंद्र सिंह, अरविंद वर्मा, शिवकुमार , अयूब अहमद, विमलेश कुमार ,मोहम्मद तौफीक, मोहम्मद नईम ,तेज बहादुर ,मनीष कुमार गौतम ,अनिल भाई, गोपीचंद वर्मा ,पंकज यादव, सुरेश बाबा, सतनाम, मोहम्मद अजीम ,अजय राजकुमार राम सजीवन के साथ बाराबंकी जनपद का 70% कोटेदार मौजूद थे ।

