(आंखों से बहते होंगे उस दिन ख़ुशी के आंसू – जिस दिन हमारी बेटी बैठेगी पालकी में)

शमीम अंसारी बाराबंकी

बज़्म अज़ीज़ द्वारा किया गया मासिक तरही मुशायरे का आयोजन

बाराबंकी। (एसएम न्युज24) बज़्म अज़ीज़ द्वारा मासिक तरही मुशायरे का आयोजन नबी गंज स्थित बज़्म के सदर हाजी नसीर अंसारी के आवास पर आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता तारिक़ जिलानी ने की तथा संचालन हुज़ैल लाल पुरी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मिस्टर अमेठवी तथा सग़ीर नूरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शायरों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं।
नसीर अंसारी ने कहा- इस बात का समझना आंसा नहीं है लोगो। जो बात कह गया इक दीवाना बेख़ुदी में।।
इरफ़ान बाराबंकवी ने पढ़ा – ईमां की आज़माइश है पाक दामिनी में।ज़ाहिद का इम्तिहां भी होता है बन्दगी में।।
सग़ीर नूरी ने कहा – ये इश्क ही ख़ुदा है बस इश्क ही ख़ुदा है।एक रिन्द कह रहा था कल रात बेख़ुदी में।।
हुज़ैल लालपुरी ने सुनाया – मुमकिन नहीं कि गुज़रें दिन रात ऐश ही में।आती है शाम ख़म भी इंसा की ज़िंदगी में।।
मिस्टर अमेठवी ने यूं कहा – जो कुछ है पास तेरे क़ुरबान उस पे कर दे। ये शर्त लाज़िमी है क़ानून आशिक़ी में।।
मास्टर इरफ़ान ने कहा- जो बात हमने देखी उस एक आदमी में। वो बात हमने देखी अबतक नहीं किसी में।।
इरशाद बाराबंकवी ने अपनी रचना में कहा- उम्मीद क्या लगाएं हम ऐसे मुन्सिफ़ों से।जो फ़र्क़ ही ना समझे नेकी में और बदी में।।
नफ़ीस बाराबंकवी ने हास्य रचना प्रस्तुत की- इस बात का है चर्चा हर गांव हर गली में।बादाम जैसी ताक़त होती है मोमफली में।।
सरवर किन्तूरी ने पढ़ा – क्या ख़ास बात आख़िर रखता है हुस्न उनका। जो हो रहे हैं चर्चे उन के गली गली में।।
बशर मसौलवी ने सुनाया – दिलकश अदा से अपनी दिल लूट ले गया वो। इक दर्द दे गया जो दिल को हंसी हंसी में।।
शम्स ज़िकरयावी ने कहा – गुलशन से होके शायद कोई गुज़र गया है। ख़ुशबू है जो उसी की हर फूल हर कली में।।
ताबिश बाराबंकवी ने यूं कहा – ख़्वाहिश है जिसकी मुझको वो दिन कभी तो आए। वर्ना तो कुछ नहीं है दो दिन की ज़िंदगी में।।
हैदर मसौलवी ने पढ़ा – आबाद था बहुत घर कुछ रोज़ पहले मेरा। बर्बाद है मगर अब आपस की दुश्मनी में।।
आरिफ़ शहाबपुरी ने कुछ यूं कहा – आंखों से बहते होंगे उस दिन ख़ुशी के आंसू। जिस दिन हमारी बेटी बैठेगी पालकी में।।
इनके अलावा सबा जहांगीराबादी ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अन्त में बज़्म के जनरल सेक्रेटरी हुज़ैल लालपुरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया, तथा सूचना दी की अगला तरही मुशायरा “दिल में किसी की याद बसाए हुए हैं हम”मिसरा तरह पर होगा।

शमीम अंसारी संपादक एसएम न्युज24 टाइम्स सुपर फास्ट मिडिया

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