गर्भ में लड़का है या लड़की, देखने को पत्नी का फाड़ा पेट, अब पूरी जिंदगी जेल में रहेगा पति,हंसिये से पत्नी का पेट चीरने के दोषी को उम्रकैद

मुकीम अहमद अंसारी बदायूं

बदायूँ में आठ महीने की गर्भवती पत्नी का पेट हंसिये से चीरने के दोषी पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय (त्वरित) महिला अपराध के न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने चार साल पुराने मामले में दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव घोंचा निवासी गोलू ने 19 सितंबर 2020 को तहरीर देकर अपने बहनोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि बहन अनीता की शादी 22 साल पहले नेकपुर निवासी पन्नालाल के साथ हुई थी। दंपती के पांच लड़कियां पैदा हुईं। बेटा न होने को लेकर पन्नालाल आए दिन बहन के साथ मारपीट करता था।बहन ने उसे रोकने की कोशिश की मगर वह नहीं माना। उसने हंसिये से अनीता का पेट चीर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से बरेली के लिए रेफर कर दिया गया। अनीता की तो जान बच गई थी लेकिन गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचक ने हंसिया बरामद करने के साथ ही पन्नालाल को जेल भेज दिया। विवेचक ने साक्ष्य संकलन करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को पत्रावली का अवलोकन किया। एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

मुकीम अहमद अंसारी बदायूं

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