मनरेगा मस्टर रोल में मजदूरो की फर्जी हाजिरी चढ़ाने का मामला पकड़ा तूलहैदरगढ़ बाराबंकी। विकास खण्ड़ हैदरगढ़ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल एक पंचायत मित्र ने खोल दिया है। जिसका आडियों शोषल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग ब्लाक कर्मचारियों और अधिकारियों की भ्रष्ट कार्यशैली पर तीखा तंज कस रहे है, वही भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग किया है। भाकियू का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नही किया तो संगठन प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।
जानकारी के अनुसार विकास खण्ड़ की ग्राम पंचायत वोहरामऊ में ग्राम प्रधान नीलम सिंह पत्नी महेश्वरी प्रताप उर्फ राजन सिंह है। इसी ग्राम पंचायत से सटी उमरवल किरसिया ग्राम पंचायत स्थित है, यहां की ग्राम प्रधान सरोज कुमारी पत्नी संतोष यादव है। उक्त दोनों ग्राम पंचायतो के प्रधान प्रतिनिधि महेश्वरी प्रताप उर्फ राजन है जो समाजवादी पार्टी के पुराने दिग्गज कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी है। यही वजह रही कि उक्त दोनो ग्राम पंचायतों में हर चुनाव में सपा का पलड़ा भारी रहता है और इसका पूरा श्रेय प्रतिनिधि राजन सिंह को जाता है। उक्त पंचायत जितना राजनीतिक क्षेत्र में अपना दबदबा कायम किए है उससे कही ज्यादा भ्रष्टाचार में दबदबा है। दोनों ग्राम पंचायतो के ग्रामीण व किसान यूनियन समय-समय पर भ्रष्टाचार का पुलिंदा खोलते रहते है। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी के जिलाध्यक्ष विधीचंद्र यादव ने उच्चाधिकारियों से शिकायत किया था कि ग्राम पंचायत ओहरामऊ और अमरवल किरसिया में मनरेगा योजना में जिम्मेदार की सह पर पंचायत मित्र मस्टर रोल में जमकर हेरा फेरी कर रहे है। ग्रामपंचायत में वास्तविक मजदूर को काम नहीं मिल रहा है जो कभी काम करने नही जाते हैं उन व्यक्तियों के नाम मस्टर रोल पर फर्जी हाजिरी चढ़ा कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ग्राम रोजगार सेवक कहते हैं की पंचायत सचिव से लेकर खंड विकास अधिकारी को कमीशन देना पड़ता है इसलिए फर्जी मजदूर की हाजिरी चढ़ाना हमारे लिए मजबूरी है। पंचायत में मजदूर की हाजिरी चढाने के लिए महिला मेट का चयन होने के बावजूद भी रोजगार सेवक द्वारा हाजिरी भरी जाती है। जिम्मेदार सब जानते हुए चुप्पी साध रखे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा योजना में धन का बंदरबाट किया जा रहा है पैसा ब्लाक अधिकारियों तक पहुंच रहा है, यही वजह है कि अधिकारी किसी पर कार्यवाही नही कर रहे है। आज पंचायत मित्र स्वयं कबूल कर रहे है कि पैसा हमे ब्लाक कर्मचारियों को भी देना पड़ता है। जिसका आडियो शोषल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। शनिवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है। यदि शासन प्रशासन कार्यवाही नही करता है तो संगठन मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। वही खण्ड़ विकास अधिकारी से मामले की जानकारी ली गई तो उन्होने मामले को निराधार बताया और जांच कराने की बात कही है। उक्त प्रकरण को लेकर जब उपजिलाधिकारी से बात किया गया तो उनका कहना था, सीडीओ को पत्र भेजा गया है जांच कराकर दोषियों के विरूद्व कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह हैं कि अधिकारी रोजगार सेवक और जिम्मेदार पर कार्यवाही करता हैं अथवा हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में चला जयेगा।
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