PM मोदी का प्रहार: आपातकाल में कुचला गया लोकतंत्र, योग बना विश्व में भारत की पहचान
पत्रकार शमीम अंसारी: बाराबंकी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता: पीएम मोदी ने योग दिवस की शानदार भागीदारी का उल्लेख किया। विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों और हजारों आदिवासी छात्रों द्वारा योग प्रदर्शन की सराहना की। इस वर्ष की थीम थी ‘Yoga for One Earth, One Health’। आपातकाल पर टिप्पणी: आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि संविधान, न्यायपालिका और अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने का प्रयास हुआ था। सामाजिक सुरक्षा की पहुंच: आज देश के 95 करोड़ लोग किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं, जो 2015 में 25 करोड़ थे। बोडोलैंड में खेल क्रांति: CEM कप फुटबॉल टूर्नामेंट में 70 हजार खिलाड़ियों की भागीदारी को “एकता और उम्मीद का उत्सव” बताया। मेघालय का एरी सिल्क: GI टैग मिलने पर खुशी जताई, इसे “अहिंसा सिल्क” बताया जो वैश्विक बाजार में संभावनाओं से भरपूर है। पर्यावरण संरक्षण: ‘सिंदूर वन’ को ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को समर्पित किया। रमेश खरमाले जैसे आम नागरिकों के योगदान को भी सराहा। बुद्ध अवशेष यात्रा: पीएम ने वियतनाम, थाईलैंड और मंगोलिया में भगवान बुद्ध के अवशेष ले जाने को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। डॉक्टर्स डे और CA डे की शुभकामनाएं: 1 जुलाई को डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को समाज के स्तंभ बताया। धार्मिक यात्राएं और सेवा भाव: पीएम ने रथ यात्रा, तीर्थ यात्रा और उनके दौरान होने वाली सेवा भावना को भारत की एकता का प्रतीक बताया।

