अभिनंदन ग्रन्थ ही नहीं एक नये ढंग की साहित्यिक मीमांसा
पत्रकार शमीम अंसारी: बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 01 अगस्त 2025
बाराबंकी। सैप प्रकाशन भारत के तत्वावधान में दशहराबाग स्थित ‘आशीर्वाद सदन’ में ‘साहित्यकार विनय दास की साहित्यिक मीमांसा’ नामक पुस्तक का लोकार्पण सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार व कृषि वैज्ञानिक डाॅ राम कठिन सिंह, प्रख्यात उपन्यासकार वीरेन्द्र सारंग, पत्रकार व कवि डाॅ सुभाष राय तथा पत्रकार अरूण सिंह के हाथों हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनगर पीजी काॅलेज के पूर्व प्राचार्य व कवि डाॅ नरेश चन्द्र त्रिपाठी तथा संचालन सुप्रसिद्ध ओज के कवि पंडित राम किशोर तिवारी ‘किशोर’ ने किया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर डाॅ0 राम कठिन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पुस्तक कथाकार समालोचक विनय दास के कृतित्व और व्यक्तित्व को सम्पूर्णता में समझने की एक ‘मास्टर चाभी’ है। उनके 71वें जन्मदिन पर प्रस्तुत यह ग्रन्थ प्रशंसात्मक टिप्पणियों से हटकर उनके रचनाओं की मीमांसा में विश्वास व्यक्त करता है। देश के नामचीन लेखकों के इसमें लेख हैं। यह एक नये ढंग-ढर्रा का अभिनंदन ग्रन्थ है।
विशिष्ट अतिथि वीरेन्द्र सारंग ने कहा, विनयदास का रचना कार्य व्यापक है। इसमें उनके रचनाओं की समीक्षात्मक पड़ताल के साथ उनके रचना कौशल की बानगी भी प्रस्तुत करता है।
विशिष्ट अतिथि व जनसंदेश टाइम्स के संपादक डाॅ सुभाष राय के सभा को संबोधित करते हुए कहा, मैं विनय दास की सामाजिक निष्ठा व लोक की गहन जानकारी का कायल हूँ। मेरा विश्वास है कि साहित्य की दुनियां में उन्हें यह एक अलग पहचान देगी।
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इंडिया इन साइड पत्रिका के संपादक अरूण सिंह ने कहा कि यह पुस्तक हमें यह बताती है कि वे खड़ी बोली के ही नहीं बल्कि अवधी साहित्य में भी बड़े रचनाकार हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डाॅ नरेश चन्द्र त्रिपाठी ने रचनाकार को बधाई देने के साथ कहा, यह पुस्तक ऐतिहासिक है। यह उनके रचनाकार्य और व्यक्तित्व के अनेकशः पहलुओं की गहनता से पड़ताल करती है।
इस पुस्तक में प्रधान सम्पादक डाॅ सियाराम व संपादक आशुतोष दीक्षित, पंकज कँवल ने बड़ी कुशलता से संपादन किया है, वे बधाई के पात्र हैं।
इस मौके पर जनपद के साहित्यकार व गणमान्य नागरिक डाॅ विनयदास को बधाई देने के लिए भारी संख्या में उपस्थित रहे।पत्रकार शमीम अंसारी: बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 01 अगस्त 2025

