प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रूपये का जुर्माना भी लगा,
पुलिस ने 14 बदमाशों के खिलाफ दर्ज किया था मुकदमा, सुनवाई के दौरान दो लोगों की मौंत
बदायूं। 18 साल पुराने अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कुमारी रिंकू ने 12 लोगों को दोषी करार दिया है।उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 14 बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था इनमें से दो लोगों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। 12 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है।
बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के गांव ओया निवासी मदन पाल सिंह पुत्र सिताब सिंह ने 23 फरवरी को तहरीर देकर 14 बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव के ही ओमप्रकाश के साथ बेटा शेषवीर व जसवीर ट्यूबवेल पर फसल की सिंचाई करने के लिए 22 फरवरी 2006 की रात को गए थे।
रात करीब 11 बजे 14 अज्ञात बदमाश उस समय ट्यूबवेल पर पहुंच गए,जिस समय तीनों बिजली आने का इंतजार कर रहे थे।बदमाशों ने असलहों के बल पर फिरौती के लिए तीनों का अपहरण कर लिया।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की।पुलिस ने दस दिन बाद पांच आरोपियों के साथ तीनों अपहर्ताओं को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में बदमाशों ने सभी 14 लोगों के नाम बताए।इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजकर विवेचना शुरू की।विवेचक अशोक कुमार ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए एक अप्रैल 2006 को बदमाश असलम, पप्पू उर्फ जावेद,छोटे, सप्पू, इलियास, बबलू व चंद्रपाल, जोगेंद्र, प्रदीप, सौदान, कृष्णपाल, समरपाल अंसार व असगर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था।विचारण के दौरान अंसार व असगर की मौत हो गई।सोमवार को न्यायाधीश ने 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

