गेहलोल मजरे की गौशाला अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ी, ठंड एवं भूख से दो गोवंशियों की हुई मौत,
मुकीम अहमद अंसारी
आधा दर्जन गोवंशीय पशु जिंदगी मौत से कर रहे हैं संघर्ष, उनकी सांसे थमने का कुछ ही समय बाकी
“चार दर्जन गोवंशीय पशुओं में दो दर्जन गोवंशीय पशु बिना टैग के पशुशाला में
सहसवान, बदायूं। प्रदेश सरकार द्वारा पशु शाला में रह रहे पशुओं की उचित देखभाल के लिए समय-समय पर मॉनिटरिंग कराई जा रही है पशुशालाओं की देखभाल के लिए जिला अधिकारी द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो मॉनिटरिंग में पशुओं के रखरखाव खानपान के अलावा उनकी सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, ओके पाए जाने का फर्जी प्रमाण पत्र आलाअफसरो को उपलब्ध कराकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं परंतु पशु शालाओं की व्यवस्था कुछ और ही बयां कर रही है ऐसा ही एक मामला सहसवान विकासखंड के ग्राम पंचायत होतीपुर के मजरा गेहलोल पशुशाला का है पशु शाला के देखरेख का जिम्मा बदायूं की एक एनजीओ द्वारा संभाला जा रहा है पशुशाला की जिम्मेदारी संभालने के लिए एन जी ओ प्रबंधक ने पुराने केयरटेकर हटाकर बदायूं से दो केयरटेकर लगाए हैं प्रबंधक ने केयरटेकर तो सिर्फ इसलिए भेजे हैं कि वह पशु शाला के मुख्य द्वार पर बैठकर यह देखते रहे की कोई भी पशु बाहर न जाने पाए जबकि पशु शाला पर लोहे का गेट लगा हुआ है जिसमें जंजीरों से ताला पड़ा रहता है प्रबंधक ने बदायूं से भेजा अपने दोनों केयरटेकरों को कार्य के लिए कोई भी सामान उपलब्ध नहीं कराया है उनके पास ना तो कोई फावड़ा है नहीं कोई परात नहीं कोई पानी पिलाने के बाल्टी इसके अलाबा पशु शाला में बने कमरों में सिर्फ एक तख्त पड़ा है लोगों का कहना है कि उपरोक्त पशुशाला में जितने पशु मर जाते हैं उतने ही घुमंतू गोवंशीय पशु धर्मशाला बनाम पशुशाला में पहुंचा दिए जाते हैं।
पशुशाला में ठंड से बचाव हेतु प्रबंधक द्वारा आधी पशुशाला में हल्की वाली बरसाती लगा दी गई है जो हवा में हर पल उड़ती रहती है जिससे प्रबंधक द्वारा ठंड से बचाव हेतु पशुओं को लगाई गई बरसाती से उनका कोई लाभ नहीं मिल रहा क्योंकि प्रबंधक ने बरसाती दो हिस्सों में डालकर बीच का हिस्सा लगभग 15 मी खाली छोड़ रखा है।
पशुशाला में कई माह से पशुओं का गोबर ना उठाने के कारण घुटनों घुटनों गंदगी कीचड़ सड़ा हुआ गोबर फैला हुया है इसी कीचड़ गंदगी में पशु दिनभर टहलते रहते हैं जिसके कारण पशु शाला में बीती रात दो पशुओं की ठंड लगने के कारण मौत हो गई जबकि दो पशु जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहे हैं
ग्रामीणों ने बताया कि बीते 3 साल में उपरोक्त पशुशाला में लगभग 300 से ज्यादा गोवंशीय पशुओं की मृत्यु हो चुकी है।
पशुशाला की देखरेख की जिम्मेदारी संभाल रही एनजीओ के प्रबंधक ने बदायूं से राजेश दीपक नाम के दो केयरटेकर व्यवस्था संभालने के लिए रख तो दिए हैं परंतु उनके खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है और तो और दोनों केयरटेकर उपरोक्त संस्था का नाम भी नहीं बता सके सिर्फ इतना बताया कि उन्हें मुकर ने भेजा है। केयरटेकर राजेश, दीपक ने बताया कि हमें₹10000 प्रतिमाह देने का वादा करके भेजा गया है।
ग्रामीण ने पशुशाला में पहुंचकर हंगामा किया तथा कहा की पशुशाला की व्यवस्था देख रही संस्था द्वारा कोई भी व्यवस्था न होने से पशु भूखे मरने के लिए जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहे हैं सभी पशु बीमारी की स्थिति में है दो पशु मृत पड़े हैं जिन्हें आवारा कुत्ते उनके मांस को खींचकर अपना निवाला बना रहे हैं।
ग्राम गहलोल की पशुशाला बनाम धर्मशाला में मृतक पशुओं को पशुशाला में ही दफन कर दिया जाता है चर्चा है मृत गायों को इसलिए पशुशाला में दफना दिया जाता है किसी को भी जानकारी न होने पाए की पशु शाला में गोवंशीय पशुओं की मौत हो रही है जिससे पशुशाला में बड़े पैमाने पर दुर्गंध फैल रही है महामारी फैलने की आशंका प्रबल होती जा रही है समय रहते अगर पशुसाल से मृतक पशुओं के अवशेष नहीं हटाए गए तो कभी भी पशु शाला में महामारी फैल सकती है।
पशुशाला में फैली भीषण गंदगी ब व्यवस्थाओं के बाबत जब ग्राम विकास अधिकारी वीरेंद्र पाल से बात की गई तो उन्होंने बताया की ढाई महीने पहले ग्राम गहलोल की पशुशाला की व्यवस्था की बागडोर अधिकारियों द्वारा बदायूं की एक संस्था को दे दी गई है वहीं इसकी देखभाल कर रही है इस बाबत खंड विकास अधिकारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका।
गहलोल पशुशाला बनाम धर्मशाला के नोडलअधिकारी ने जिला प्रशासन को बीते दिनों मौके पर पहुंचकर जो रिपोर्ट प्रेषित की है उपरोक्त नोडल अधिकारी भी जांच के घेरे में आएंगे अगर जिला प्रशासन के अधिकारी स्वयं पशुशाला में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करें तो उनके द्वारा भेजी गई पशुशाला व्यवस्थाओं की पोल सामने खुल जाएगी। परंतु ऐसा शायद ही हो पाएगा।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

