जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में संविधान दिवस पर विचार संगोष्टी आयोजित

भारत का संविधान केवल कुछ नियमों और प्रावधानों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों, स्वतंत्रता और न्याय का आधार है : जिला जज

बाराबंकी। श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के सभागार में संविधान दिवस के अवसर पर विचार संगोष्टी का आयोजन किया गया जिसमें सभी न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा संविधान की प्रस्तावना का पाठन किया। कार्यक्रम में सभी न्यायिक अधिकारीगण के अतिरिक्त कर्मचारीगण भी शामिल हुये।
इस अवसर पर श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव के द्वारा विचार व्यक्त करते हुये कहा गया कि यह वह पवित्र दस्तावेज है, जिसने आज़ाद भारत को दिशा, व्यवस्था और मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया। भारत का संविधान केवल कुछ नियमों और प्रावधानों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों, स्वतंत्रता और न्याय का आधार है। मौलिक अधिकार, प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार, अभिव्यक्ति की आज़ादी, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता। यह अधिकार हमें सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने की शक्ति देते हैं। संविधान केवल अधिकार नहीं देता, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करने की भी प्रेरणा देता है। जैसे राष्ट्र की एकता-अखंडता बनाए रखना, पर्यावरण की रक्षा करना, अनुशासन और सद्भाव रखना आदि।संविधान ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक व्यक्ति कोकृचाहे वह गरीब हो या अमीर सभी को निष्पक्ष और सुलभ न्याय मिले। हमारा संविधान सभी नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है। सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, भूमि और संपत्ति संबंधी मामलों में भी कानून हमारी रक्षा करते हैं। इन कानूनों को जानना और समझना नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है। हमारे जनपद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाराबंकी न्याय को आम जनता तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। निःशुल्क कानूनी सहायता, आर्थिक कमजोर वर्ग, महिलाएँ, बच्चे, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, अनुसूचित जाति/जनजाति आदि पात्र व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना। लोक अदालतों का आयोजन, छोटे-छोटे मामलों को आपसी सहमति से, जल्दी और सस्ते तरीके से निपटाने का अवसर प्रदान करना। इससे समय, धन और ऊर्जा तीनों की बचत होती है।
श्री विनय कुमार सिंह अपर जिला जज प्रथम के द्वारा भी विचार व्यक्त करते हुये कथन किया गया कि आज के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि “संविधान की मर्यादा और मूल्यों को हमेशा सम्मान देंगे और देश की एकता, न्याय और सम्मान की रक्षा करेंगे। इस अवसर पर अन्य न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये।
इसके अतिरिक्त जनपद न्यायाधीश के के निर्देशन में विभिन्न ला कालेजों में भी संविधान दिवस का आयोजन किया गया। इसी क्रम में श्री श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में अवध ला कालेज बाराबंकी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अवध ला कालेज के अध्यक्ष श्री ऋषि गोयल, वाइस चेयरमैन डॉ रितु गोयल प्राचार्य डॉक्टर एस.बी सिंह, लीगल एंड प्रभारी लवकुश वर्मा, विशिष्ट अतिथि महिमा मिश्रा जी तहसीलदार बाराबंकी, डा0 सुमन सिंह सहा0 प्रवक्ता, श्री सत्येंद्र जी अधिवक्ता हाई कोर्ट, श्री अनूप कुमार समाजसेवी के अतिरिक्त विद्यालय के छात्र छात्राएं शामिल हुये। संविधान दिवस पर लोगों को सम्बोधित करते हुये सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा कथन किया गया कि आज का दिन हम सभी भारतीयों के लिए अत्यंत गौरव का विषय है, क्योंकि 26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। किसी भी व्यक्ति को बिना उचित कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। हर व्यक्ति को कानूनी सहायता पाने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के भेदभाव से सुरक्षा मिलती है। कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में लोगों को उनके अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना। मिशन शक्ति, बाल सुरक्षा, महिला संरक्षण, वरिष्ठ नागरिक संरक्षण जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी। संविधान का उद्देश्य यही है कि न्याय केवल किताबों में न रहे, बल्कि हर व्यक्ति तक सुलभ और सरल रूप से पहुँचे। संविधान हमें लोकतंत्र में विश्वास, समानता की भावना और न्याय की सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए हम सबका दायित्व है कि अपने अधिकारों को जानें, अपने कर्तव्यों का पालन करें और एक जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की प्रगति में योगदान दें। आज के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि “संविधान की मर्यादा और मूल्यों को हमेशा सम्मान देंगे और देश की एकता, न्याय और सम्मान की रक्षा करेंगे।”इस अवसर पर लीगल एड क्लीनिक के छात्र/छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन विधि छात्र शिवांग शुक्ला एवं विधि छात्रा शाइस्ता परवीन के द्वारा किया गया।
वहीं टी0आर0सी0 लॉ कालेज बाराबंकी में भी संविधान दिवस पर संास्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें ला कालेज की प्रबन्धन समिति के अतिरिक्त प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र छात्राएं शामिल हुये।

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