खासपुर में उर्स के दौरान बवाल — नोटों की बारिश बना तनाव, दो पक्षों में मारपीट और हवाई फायरिंग — एक घायल, वीडियो वायरल
मुकीम अहमद अंसारी
कुंवरगांव,बदायूं। खासपुर में हजरत टिलिया सेमल वाले बाबा की मजार पर शुक्रवार–शनिवार की मध्यरात्रि आयोजित उर्स कार्यक्रम के दौरान कव्वाली में नोट बरसाने की परंपरा वर्चस्व की जंग में बदल गई। रात 12:30 बजे के करीब दो मुस्लिम पक्षों में कहासुनी इतनी बढ़ी कि लात–घूंसे, लाठी–डंडे और अवैध तमंचे से हवाई फायरिंग तक की नौबत आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहला पक्ष शाहिद आलम (40) पुत्र मसूद आलम जबकि दूसरा पक्ष नन्हे (50), बदर (40) पुत्रगण जहाउद्दीन तथा विकार (45) पुत्र इस्लाम, निवासी ग्राम खासपुर (मुस्लिम सिद्दीकी) में नोट उड़ाने के मुद्दे पर बहस हुई, जो देखते–देखते भीषण मारपीट में बदल गई। मारपीट में शाहिद आलम को सिर में चोट आने के बाद जिला अस्पताल बदायूं में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दूसरे पक्ष की ओर से अवैध तमंचे से हवाई फायरिंग की गई जिससे उर्स स्थल पर भगदड़ और दहशत फैल गई। लोग आनन–फानन में मौके से निकलते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर उर्स कार्यक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट और अफरातफरी का माहौल साफ नजर आ रहा है।
पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक न तो तहरीर दर्ज की गई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। आपको बता दें कि इन्हीं दोनों पक्षों के बीच 12 मई 2025 को भी इसी तरह मारपीट और फायरिंग की घटना हो चुकी है, जिसमें दोनों ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए थे। हर वर्ष बड़े ही धार्मिक और सांस्कृतिक रंग में मनाया जाने वाला यह उर्स कार्यक्रम इस बार विवाद, वीडियो और फायरिंग की वजह से सुर्खियों में है। आयोजन की देखरेख मोहम्मद मियां उर्फ गुड्डू चौधरी द्वारा की जा रही थी।
उठ रहे सवाल —
उर्स एक आस्था का पर्व है या शक्ति प्रदर्शन का मंच?
एक दिन पहले पुलिस ने उर्स में शांति व्यवस्था को लेकर गांव में पीस कमेटी की मीटिंग भी की थी मगर उसे मीटिंग का खुरपतियों पर कोई भी असर नहीं ऐसा लगता है कि पुलिस का अपराधियों पर कोई भी अंकुश नहीं रहा है।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

