सरस्वती विद्या मंदिर बगरैन में बुधवार को “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम भव्य ढंग से मनाया गया।
मुकीम अहमद अंसारी
बिसौली,बदायूं। पंडित हरनारायण सरस्वती विद्या मंदिर बगरैन में बुधवार को “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम भव्य ढंग से मनाया गया। मां सरस्वती की वंदना के बाद आचार्या शालिनी ने मंचासीन मातृ शक्तियों का परिचय कराया। मुख्य अतिथि डॉ निशि अवस्थी ने माताओं एवं बहिनों को संबोधित करते हुए कहा कि पुनशलोका अहिल्याबाई होल्कर की भांति न्यायप्रिय एवं साहसी बने। अपने धर्म के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं श्रद्धा भाव रखते हुए समाज एवं राष्ट्र के उत्थान के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन करें। विशिष्ठ अतिथि तनुजा सक्सेना ने कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारायणी अर्थात नारी के सप्त गुणों को जागृत करना था। यह था सात गुण गीता के श्लोक से स्पष्ट हो जाते हैं कीर्ति श्री वाक च स्मृति मेधा धृति क्षमा। इन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके साहस एवं वीरता के गुण को आत्मसात करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम की संयोजिका सुरक्षा ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम से मानवीय मूल्यों, भारत की आध्यात्मिक संस्कृति परंपराओं हमारे ऋषियों मुनियों धार्मिक ग्रंथो आदि का स्मरण कराया। प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम विद्यालय में कराया गया। उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी मातृ शक्तियों के प्रति विद्यालय की आचार्या प्रीती आभार ज्ञापित किया। शांति मंत्र के द्वारा कार्यक्रम समापन हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा, प्रीति, शालिनी, गीता, रिंकी, पिंकी, माधुरी, मंजू आदि उपस्थिति रही।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

