ठंड और कोहरे की दोहरी मार, सड़कों पर बढ़ा मौत का डर, दिखाई देना भी मुश्किल, चलना भी खतरा

शमीम अंसारी बाराबंकी

कोहरे की सफेद चादर में लिपटी बाराबंकी, रफ्तार थमी-हर सफर बना खतरा

बाराबंकी।शुक्रवार शाम होते ही बाराबंकी की सड़कें कोहरे की सफेद चादर में लिपट गईं। ठंड के साथ अचानक छाए घने कोहरे ने आवागमन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हाईवे हों या ग्रामीण सड़कें-हर तरफ दृश्यता सिमट गई, वाहन रेंगने लगे और रफ्तार पर जैसे ब्रेक लग गया।
कोहरे की मार सबसे ज्यादा उन जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रही, जिन्हें इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचना था। एंबुलेंस की सायरन तो गूंजती रही, मगर सामने कुछ कदम भी साफ नजर नहीं आए। कई जगहों पर वाहन चालकों ने डर के कारण गाड़ियां रोक दीं, तो कहीं हल्की सी चूक जानलेवा खतरा बनती दिखी।
ठंड और कोहरे की दोहरी मार ने सड़क हादसों की आशंका बढ़ा दी है। फिसलन, कम दृश्यता और तेज ठंड-इन सबने मिलकर सफर को मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया। राहगीरों और दोपहिया चालकों की हालत और भी खराब रही, जो ठिठुरते शरीर के साथ अंधेरे-कोहरे में रास्ता तलाशते नजर आए।
प्रशासन और यातायात विभाग की सतर्कता अब वक्त की जरूरत है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें, वाहन धीमी गति से चलाएं, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
कोहरा अभी चेतावनी है- लापरवाही हुई तो यही कोहरा हादसों और मौत का कारण बन सकता है।

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