कर्ज में डूबे मिठाई कारोबारी ने ट्रेन के आगे कूद कर दी जान मचा हड़काम
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
बाराबंकी। जनपद के बड़े मिठाई करोबारी के रूप में पहचाने जाने वाले कृष्णा स्वीट्स भंडार के मालिक ने सोमवार की सुबह बनवा रेलवे क्रासिंग के निकट फरक्का एक्सप्रेस के सामने कूद कर जान दे दी। बताया जा रहा है कि मृतक कर्ज में डूबा होने के कारण जान गंवाई है सूचना पर पहुंची जहांगीराबाद पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सोमवार की सुबह जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के बनवा रेलवे क्रासिंग के निकट उस समय सनसनी फैल गई जब बाराबंकी से अयोध्या की ओर जा रही फरक्का एक्सप्रेस के सामने एक 40 वर्षीय युवक ने पटरी के किनारे बाइक खड़ी कर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से यूपी-41 एवाई-2426 नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में यह बाइक हिमांशु रस्तोगी पुत्र दिनेशचंद्र रस्तोगी के नाम पर रजिस्टर पाई गई।
शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस को कड़ी मशक्कत के बाद पता चला कि मृतक शहर के प्रतिष्ठित कृष्णा स्वीट्स व्यापारी अनूप गुप्ता है जो सुबह अपने 9 वर्षीय बेटे मनन को स्कूल छोड़ने के लिए अपने मित्र की बाइक को मांग कर ले गया था स्कूल छोड़ने के बाद वह घर नहीं लौटे। करीब सुबह साढ़े नौ बजे बनवा रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन संख्या 15744 फरक्का एक्सप्रेस की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
रेलवे क्रॉसिंग के गेटमैन धर्मेंद्र और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृतक मोटरसाइकिल से क्रॉसिंग पर पहुंचा। उसने बाइक किनारे खड़ी की और ट्रेन आने से पहले पटरी के पास जाकर खड़ा हो गया। फरक्का एक्सप्रेस के पहुंचते ही वह ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन तेज रफ्तार में थी इसलिए युवक 300 मीटर तक घिसटता चला गया और शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए।
मृतक अनूप गुप्ता शहर के जाने-माने मिठाई व्यवसायी थे। बड़ेल चौराहे पर स्थित उनकी कृष्णा स्वीट्स प्रतिष्ठान शहर की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है। उनकी बेटी भव्या गुप्ता इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश की टॉपर्स सूची में 18वां स्थान हासिल कर चुकी हैं और वर्तमान में यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही हैं।
घटना की खबर मिलते ही पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में व्यापारी, रिश्तेदार, सामाजिक संगठनों के लोग और शुभचिंतक पहुंच गए। सभी ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। शहर के व्यापारिक संगठनों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख देखने को मिला।
घटना के बाद शहर के व्यापारियों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई कि अनूप गुप्ता पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। कुछ व्यापारियों ने आशंका जताई कि उनकी परेशानी का कारण किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन या वित्तीय विवाद हो सकता है। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जहांगीराबाद थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और परिजनों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी देने की बात कही है।

