चिटफंड घोटाला: अब एसटीएफ के रडार पर श्रीकांत और 20 एजेंट, शशिकांत-सूर्यकांत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। बरेली में चिटफंड कंपनी अमर ज्योति में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोपी 50-50 हजार रुपये के इनामी सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ के रडार पर कंपनी के 20 एजेंट और सूर्यकांत, शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत पर हैं। बदायूं और बरेली के रहने वाले यह आठ एजेंट की कंपनी में कर्ताधर्ता थे।

एजेंटों के जरिए लोगों को फंसाया:-मई 2025 में घोटाला सामने आने के बाद से ही श्रीकांत पूरी तरह से भूमिगत है। उसे किसी ने नहीं देखा। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों भाइयों ने 10 साल पहले अमर ज्योति नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी। कंपनी के जरिए लोगों को पैसा जमा करने पर दो से तीन गुना तक मुनाफा देने का लालच दिया गया। आरोपियों ने बरेली से लेकर बदायूं तक 200 से ज्यादा एजेंट बनाए।एजेंटों के जरिए शिक्षकों,वकीलों,महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया और करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली।

मई 2025 में कंपनी का काला-चिट्ठा सामने आने लगा तो श्रीकांत के जरिए दोनों भाइयों ने कई करोड़ की संपत्ति की बिक्री कर दी और भूमिगत हो गए। श्रीकांत अब भी भूमिगत है। अधिकारियों के कहना है कि श्रीकांत अब भी भूमिगत है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि कुछ एजेंट जमानत पर बाहर आ गए हैं। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। श्रीकांत व अन्य एजेंटों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बार-बार ठिकाना बदल रहा श्रीकांत, मोबाइल नहीं कर रहा इस्तेमाल:- सूर्यकांत और शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत बार-बार ठिकाना बदल रहा है।मंगलवार को सूर्यकांत और शशिकांत के लखनऊ से गिरफ्तार होने से पहले श्रीकांत की लोकेशन भी लखनऊ में मिली थी। दोनों भाइयों के पास से मिले मोबाइल फोन में पुलिस व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है।दोनों भाई फ्री बाईफाई कनेक्ट कर इंटरनेट कॉल के जरिए बात करते थे।दोनों के फोन में श्रीकांत का नंबर भी मिला था,लेकिन वह नंबर लगातार ऑफ जा रहा है।श्रीकांत की तलाश में एक टीम लखनऊ में है।

शशिकांत-सूर्यकांत सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध तीन मामलों में चार्जशीट दाखिल:- बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के संचालक सगे भाइयों शशिकांत मौर्य,सूर्यकांत मौर्य सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध जनपद में दर्ज पांच केसों में से तीन मामलों में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है।शेष दो मामलों में भी पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। जल्द इन मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए जाएंगे।कोतवाली थाना पुलिस और गौतमबुद्धनगर एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी सगे भाइयों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था।दोनों की गिरफ्तारी जुलाई में कोतवाली में आशू बंसल की ओर से दर्ज एफआईआर में की गई।

कोतवाली में दर्ज वर्ष 2025 में अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार,अशद अहमद खान और पवन कुमार गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए हैं। वहीं, वर्ष 2025 में अधिवक्ता पवन कुमार गुप्ता और जुलाई माह में आशू बंसल की ओर से दर्ज एफआईआर में अभी विवेचना की जा रही है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि दोनों मामलों में विवेचना जल्द पूरी करा कर आरोप पत्र को न्यायालय में दाखिल कराया जाएगा। तीन मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

अधिवक्ता की ओर से आरोपियों की बेल का प्रार्थना पत्र न्यायालय में लगाया, हंगामा:- अधिवक्ता रोहित सक्सेना ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने दोनों सगे भाइयों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा था।इसके बाद बुधवार को किसी अधिवक्ता की ओर से न्यायालय में बेल का प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं को पता चलने पर सभी अधिवक्ता एकत्र हो गए। हंगामा होने के बाद अधिवक्ता की ओर से न्यायालय में दाखिल बेल के प्रार्थना पत्र को वापस लिया गया।

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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