नगर पंचायत बंकी में धोखाधड़ी करने वालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किये जाये: प्रिया गुप्ता -नगर पंचायत बंकी की सभासद ने खोला मोर्चा -मामला पहुंचा जिले के मुखिया तक -अध्यक्ष से लेकर अधिशाषी अधिकारी तक मौन
मोइद अहमद सिटी रिपोर्टर बाराबंकी एस0एम0न्यूज
बाराबंकी। नगर पंचायत बंकी में जारी घमासान रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। रोज नई-नई घटनाएं खुलकर सामने आ रही है। नगर पंचायत में लगातार हो रही मनमानी से सभासदों में काफी रोष व्याप्त है। सभासदों का कहना है कि क्षेत्र में विकास न होने पर हम जनता को क्या जवाब देंगे जबकि जिम्मेदारी अधिकारी सरकारी का धन का बंदरबांट कर हैं। मालूम हो कि नगर पंचायत की सभासद प्रिया गुप्ता ने नगर पंचायत में हुई बड़े पैमाने भ्रष्टाचार को उजागर किया है। वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष से लेकर अधिशाषी अधिकारी मौन हो गये हैं यहां तक पत्रकारों का फोन भी उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे है। इस सम्बंध में जब अधिशाषी अधिकारी राममूर्ति को उनके दोनों मोबाइल नम्बर पर फोन किया गया किन्तु पूरी-पूरी घण्टी बजने के बाद भी उनका फोन उठाया गया।
प्राप्त जानकारी नगर पंचायत बंकी की सभासद प्रिया गुप्ता ने जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा है कि दिनांक 03.06.2020 की कारवाई को फर्जी तरीके से लिखकर जो सदस्यों से हस्ताक्षर कराये गये है फर्जी एवं भ्रामक है तथा बोर्ड की बैठक का एजेंडा सभी सदस्यों को नहीं दिया गया है। कथित बोर्ड की बैठक उपरोक्त दिनांक को होना दिखाया गया उस दिन व समय पर नामित सदस्यों को तहसील नवाबगंज में शपथ ग्रहण समारोह कराया जा रहा था जिसमें नगर पंचायत की ओर से सुरेश कुमार श्रीवास्तव टैक्स कलेक्टर उपस्थित रहे हैं और नगर पंचायत बोर्ड बैठक कार्रवाई भी सुरेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा लिखी हुई थी दोनों का एक व्यक्ति द्वारा दो स्थानों पर कैसे किए जा सकते हैं। इसकी पुष्टि के लिए दोनों स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर कानूनी कार्रवाई की जाए। बोर्ड की बैठक की कार्रवाई के समय कोरम पूरा नहीं था। श्री सुरेश कुमार श्रीवास्तव अलग से पंजिका पर जो कार्रवाई लिख कर लाए थे उस पर 11 सदस्यों के हस्ताक्षर बने हुए हैं जबकि इस बैठक में श्रीमती शशि कला श्रीवास्तव श्रीमती एवं प्रिया गुप्ता के हस्ताक्षर मौजूद नहीं है। फिर भी इस कार्रवाई पर 11 सदस्यों के हस्ताक्षर दिखाए जा रहे हैं। कुल 13 सदस्य हैं तीन सदस्यों की अनुपस्थिति होने पर भी कार्रवाई में 11 सदस्यों के हस्ताक्षर कराए गए हैं जिससे यह प्रमाणित है कि धोखाधड़ी करके गए हैं बैठक में सचिव, अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे हैं लेकिन उनके द्वारा जानबूझकर हस्ताक्षर नहीं किया गया है बैठक में किसी प्रस्ताव को सदन के सदस्य सचिव अधिशासी अधिकारी सदस्य द्वारा सदन में प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई में कोई उल्लेख नहीं है फिर भी उसे कार्रवाई में फर्जी तरीके से लिखा गया है तथा प्रस्ताव का समर्थन किसी सदस्य द्वारा किए जाने का कोई उल्लेख अभिलेखों में मौजूद नहीं है जो प्रस्ताव किस प्रकार से प्रस्तुत होना एवं स्वीकृत होना है कार्यवाही में माना जाएगा नंबर से बैठक में सदन के सदस्यों के क्या उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 के नियम को सचिव द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इस नियम के अंतर्गत प्रस्ताव पारित किए जाने का उल्लेख कार्रवाई में अंकित कर दिया गया है नियमों की जानकारी कराया धोखाधड़ी का कार किया गया है। सुरेश कुमार श्रीवास्तव एवं शिवमूर्ति अधिशासी अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई द्वारा तैयार की गई कार्रवाई की धोखाधड़ी की कार्रवाई करने वालों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की मांग जिलाधिकारी से सभासद प्रिया गुप्ता ने की।
अब देखना है कि जिलाधिकारी द्वारा उक्त भ्रष्ट अधिकारियों व कमीशन खाने वाले लोगों पर क्या कार्यवाही भविष्य में की जायेगी। यह तो वक्त ही बताये और हाँ यह लड़ाई कब तक चलेगी इसकी कोई समय सीमा नहीं तय है। क्या इसी तरह लड़ाई में जनता का विकास कार्य ठप्प हो जायेगा।
मोइद अहमद सिटी रिपोर्टर बाराबंकी एस0एम0न्यूज

