बाराबंकी। नगर पंचायत बंकी की चेयरमैन अंशू सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया था। निधन की खबर जिले वासियों को मिलते ही घर पर शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। दूरदराज रहने वाले रिश्तेदारों के शनिवार को पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार बंकी नगर पंचायत के जीत नगर स्थित श्मसान घाट परं किया गया। अंशू सिंह का दाह संस्कार उनके छोटे पुत्र राहुल सिंह ने किया। विदित हो कि शुक्रवार की सुबह श्रीमती अंशू सिंह को अचानक श्वांस लेने में परेशानी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनकी हृदयगति रुकने से निधन हो गया। वह अपने पीछे पति श्याम सिंह और दो पुत्र व एक पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गई। अंशू सिंह के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों का तांता लगा था। हर कोई अपने जनप्रतिनिधि का अंतिम दर्शन करने को लालायित दिख रहा था। निधन की खबर मिलने पर शोक व सांत्वना व्यक्त करने वाले लोगों उनके आवास पर खासी भीड़ उमड़ पड़ी। इस बावजूद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम सिंह लोगों को दूरी बनाने और कोरोना के प्रति सचेत करते दिखे। इस मौके पर भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत, पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, पूर्व विधायक सरवर अली खान, समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, देवा चेयरमैन साहबे आलम, अधिशासी अधिकारी शिव मूर्ति, धर्मेंद्र यादव, सुरेश चंद्र गौतम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
राजनीतिक सफर
नगर पंचायत बंकी चेयरमैन अंशू सिंह का राजनीतिक सफर संघर्षों भरा रहा। वर्ष 2003 में नगर पंचायत के उपचुनाव में सदस्य निर्वाचित हुई। वर्ष 2007 में पुनः नगर पंचायत की सदस्य निर्वाचित हुई। वर्ष 2012 में नगर पंचायत बंकी के अध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दावेदारी की। जिसमें चुनाव लड़ने पर भारी मतों से विजयी हुई। वर्ष 2017 में दोबारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगर पंचायत चेयरमैन का चुनाव लडी और जीत हासिल कर पदासीन रही। उन्होंने अपने मिलनसार व्यक्तित्व और ईमानदार छवि के कारण राजनीतिक पटल पर कदम रखा और विजय हासिल की। श्रीमती अंशु सिंह एक सशक्त एवं साहसी महिला थी, अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान तथा कार्य के प्रति हमेशा संवेदनशील रहती थी।
आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स

