बांध पर बने गहरे रैन कटों व बड़े गड्ढों को पटवाने की दरकार
अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)
रामनगर, बाराबंकी। तहसील रामनगर के सुमली नदी पर पुरैना पुल से निकल कर हेतमापुर की ओर गए बांध में बड़े-बड़े व गहरे रैन कट बन गए हैं जिनसे बांध को खतरा बन गया है। इन्हें पटवाने की दरकार है। बाढ़ कार्य खंड को इसकी मरम्मत करानी चाहिए थी लेकिन वह भी चुप्पी साधे है। रामनगर तहसील में पुरैना पल से लेकर हेतमापुर से आगे जाकर सीतापुर बार्डर तक करीब 16किलोमीटर लंबा बांध बाढ़ कार्य खण्ड द्वारा बनाया गया था जिसको बने पांच साल से अधिक हो गए हैं। उक्त बंधा बरसात के समय जगह जगह बड़े-बड़े रैन कटों में तब्दील हो गया है ।इसके पहले भी यह बांध कई जगह से कटा हुआ था। मई जून में इसकी मरम्मत कराई जा सकती थी किन्तु इसकी मरम्मत करने का कार्य विभाग द्वारा समय से नहीं किया गया। ठीक इसके विपरीत कटका नाला के दोनों बांधों को घास छीलकर मरम्मत कार्य में शामिल करके पैसा हड़पने का काम किया गया जबकि दोनों ओर के बांध ठीक-ठाक थे। बाढ़ में विशेष तौर से उनका कोई योगदान भी जल निकासी में नहीं था। घाघरा नदी के किनारे बना बाँध बांध जो कि पुरैना, हाता रेती, पुरैना रेती, कुसौरा, कुडीन होते हेतमापुर से सीतापुर बॉर्डर गया है कि मरम्मत बेहद जरूरी थी लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया और बड़े-बड़े गड्ढे और गहरे हो गए हैं। अगर कोई इनमें गिर जाए तो हादसा भी हो सकता है। नदी का पानी बांध से लगा हुआ बह रहा है।अगर गहरे लंबे रैन कटों की और घाघरा का पानी जाने लगा तो बांध को और क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहेगा। अधिकारी यदि जिन ग्राम पंचायतों से होकर बांध निकल रहा था उन ग्राम पंचायतों में बांध मरमत का कार्य मनरेगा में लेकर ही करा देते तो कम से कम बड़े बड़े गहरे रेन कट व गड्ढे खत्म हो जाते। इस बांध पर लोग आते जाते भी हैं जिससे उनके लिए भीहमेशा खतरा बना रहता है।
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