हर तरफ़ गूंज रहीं हैं सदाएं या हुसैन या  हुसैन   घर  घर  हो रहा है मातम इमामबाड़ा मीर मासूम अली में मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा ईश्वर द्वारा नियुक्त उत्तराधिकारी के रहते स्वयं निर्णय लेना उचित नहीं 

शमीम अंसारी बाराबंकी: एसएम न्यूज24टाइम्स .

बाराबंकी -इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा में पांचवी  मजलिस को सम्बोधित  करते हुये मौलाना जाबिर  जौरासी  ने कहा ईश्वर द्वारा नियुक्त उत्तराधिकारी के रहते स्वयं निर्णय लेना उचित नहीं मौलाना जाबिर ने आगे कहा जो लोग ईश्वर के क़ानून का उल्लंघन करते हैं वही शैतान के पैरोकार होते है। संसार में शान्ती का संदेश फैला है  तो पैगंबर व उनकी संतानो के द्वारा। जिसने हर मज़हब व मिल्लत के लोगों के दिलों पर असर किया। इंसानियत का पैगाम देने  वाले, मोहम्मद (स अ व) के नवासे फातिमा ( स अ) के लाल का आज इसी लिए घर घर हो रहा  मातम। मौलाना गुलाम अस्करी हाल देवा रोड में पांचवी मजलिस को सम्बोधित करते हुये  मौलाना नक़ी अस्करी  ने कहा ईश्वर के दूत मोहम्मद स. अ.व.और उनकी संताने समाज को हर प्रकार के अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाते है। जब आखरी इमाम आयेंगे संसार पाप मुक्त हो जायेगा। लश्करे इमाम में  शामिल होना चाहते हैं तो दुआए  अहद को अमल में  लायें ।

आखिर में  करबला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर  अज़ादार रो पड़े ।मजलिस से  पहले हाजी सरवर अली कर्बलाई  ने नज़रानये अक़ीदत पेश करते हुये कहा -तेगे सरवर जब चली ये कहके भागे लश्करी , सय्यदा का लाल अपने बाप के जलवे में है ।कटरा मोहल्ला स्थित इमामबाड़ा मीर मासूम अली आगा फ़ैयाज़ मियांजानी के अज़ाखाने में अपने निश्चित समय मजलिस शुरू हुई । यहाँ अली अब्बास साहब ने मजलिस को सम्बोधित  करते हुये कहा सत्य की राह में जीवनदान देना ही असली जीवन है । जो ईश्वर की इच्छा के विरुद्ध जीते है वही मुर्दा हैं।जीवन व मृत्यु  का अन्तर करबला वालों  ने बताया है । रसूल पुर में मोहसिन साहब की  पत्नी के देहान्त पर मौलाना तस्दीक़ हुसैन साहब ने करबला वालों का दु:ख प्रकट किया । कर्बला सिविल लाइन में  मिट्टी से पूर्व मृतका साजिदा बेगम पुत्री मोहम्मद नक़ी एवं पत्नी मोहम्मद मोहसिन नक़वी  हेतु मौलाना तस्नीम ज़ैद्पुरी ने करबला वालों के दु:ख प्रकट किये । वही अस्करी नगर ,अली कालोनी दयानंद नगर , करबला सिविल लाइन , बेगम गंज ,तकिया ,पीर बटावन,असद नगर ,देवां ,फतेहपुर , जैदपुर , असन्द्रा , मीरापुर , मोती पुर , रसूल पुर , जरगांवां , सरैयां  , मिर्चिया , टिकरिया , सन्गौरा  , केसरवा , मौथरी आदि गांवों  कस्बों में भी घर घर  मजलिसों  का सिलसिला शासनादेश के अनुसार जारी है ।

कोविड -19 के चलते इस वर्ष इमाम हुसैन (अ)का गम  सावधानियों के साथ मनाया जा रहा है  । हर तरफ़ या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंज रही है ।इमाम हुसैन (अ) के गम में हर मज़हब व मिल्लत के लोग शामिल है । मजलिस से पहले मुहिब रिज़वी,बाक़र नक़वी , सरवर अली कर्बलाई,मौलाना अली मेहदी , नदीम रिज़्वी , शबी अहमद आब्दी, मोहम्मद, अदनान रिजवी, नजफी , ज़ाकिर इमाम , अयान , गाज़ी इमाम आदि लोगों ने नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।मजलिसों  का आरंभ  तिलावते कलाम पाक से किया गया ।

शमीम अंसारी बाराबंकी: एसएम न्यूज24टाइम्स .

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