सट्टेबाजी का शिकार हो रहा है शहर का युवा

अब्दुल मुईद सिटी रिपोर्टर एस0एम0 न्यूज-24 टाइम्स

-शहर में बड़े पैमाने पर चल रहा सट्ट के कारण बढ़ रही हैं चोरी की वारदाते। -पुलिस कार्यवाही न होने पर सट्टेबाज काट रहे हैं माल

अब्दुल मुईद
सिटी रिपोर्टर एस0एम0 न्यूज-24 टाइम्स

बाराबंकी। शहर में आई0पी0एल0 चालू होने के बाद से सट्टेबाजों की और चांदी हो गई है। इन सट्टेबाजों का शिकार ज्यादातर युवा हो रहा है।
ज्यादातर सट्टेबाज डिजिटल युग में डिजिटल तरीके से सट्टा खेल रहे हैं, सट्टेबाजों ने कई व्हाट्सअप गु्रप बना रखा है, जिसमें वह पल-पल के रेट तय करते हैं तथा छोटी-छोटी धनराशि गूगल पेय/फोन-पे द्वारा भुगतान कर रहे हैं और अपने समूह व गैंग का नकद पैसा एकत्रित करके फलां-फलां की जगह पर पहुंचाया जा रहा है। शहर में कई धन्नासेठ खिलवाते हैं सट्टेबाजी में लिप्त होने के कारण कई युवा चोरी व मादक पदार्थ की तस्करी में भी लिप्त होते जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला पीरबटावन, सट्टी बाजार, बेगमगंज, पल्हरी चैराहा, विजय नगर, दीनदयाल नगर, आजाद नगर, धनोखर चैराहा, फोटो वाली गली, रसूलपुर, छाया चैराहा, सत्यप्रेमीनगर, नबीगंज आदि में मैच शुरू होने से पहले व बाद में हलचल बढ़ जाती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जलील होटल चैराहे के पास स्थित पान की गुमटियों पर कई मोल्हल्ले के व्यक्ति सट्टा खेलने दिन भर आया करते हैं किन्तु शाम को अधिक संख्या में कई मोहल्ले के अराजक तत्व आ जाते हैं।ं जिनके कारण महिलाओं व लड़कियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। लगभग इसी तरह का माहौल शहर में कई जगह है।

खुफिया विभाग व स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के कारण सट्टेबाजों के हौसले बुलंद हैं, कभी-कभी पुलिस द्वारा छोटी-छोटी मछलियों को पकड़ा जाता है किन्तु बड़े-बड़े मगरमच्छ (गैंग लीडर) के पैसा व पहुंच के कारण छोड़ दिया जाता है। कई सट्टेबाजों ने स्कोर व रेट तय करने के लिए लैपटाॅप, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था करके अपने समूह का पैसा एकत्रित करके बल्क में पहुंचाया जा रहा है। शहर में कई समूह हैं जो सट्टा लिखवाते हैं, किन्तु उन समूह के आकाओं की पहुंच स्थानीय पुलिस में होने के कारण कोई भी कार्यवाही नहीं होती है। इनके मकड़जाल में कई नाबालिग व युवा जल्द अमीर बनने के चक्कर में फंस कर शिकार हो जाते हैं। कई युवा जल्द लखपति बनने के चक्कर में बेरोजगार भी हो रहे हैं। कई सट्टेबाजों द्वारा छोटी-छोटी चोरिया की जा रही हैं जैसे मोबाइल, साइकिल आदि जिसके सम्बंध में पीड़ित द्वारा कोई एफआईआर न दर्ज कराने से इन चोरों द्वारा कभी-कभी बड़ी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।

क्या सट्टेबाज इसी तरह से युवाओं को अपने जाल में फंसाकर सट्टा खेलवाते रहेंगे या धन्नासेठ सट्टेबाजों के विरूद्ध कोई कार्यवाही स्थानीय पुलिस करेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा कि सट्टेबाजों की पहुंच कहा तक है?

अब्दुल मुईद
सिटी रिपोर्टर एस0एम0 न्यूज-24 टाइम्स

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