भाकियू अध्यादेशो की वापसी को लेकर सड़क पर लगाये सरकार विरोधी नारे, एसडीएम को सौपा ज्ञापन

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

बाराबंकी। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी 3 अध्यादेशो की वापसी की मांग को लेकर भाकियू कार्यकर्ता सड़क पर निकल आये। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओ ने पैदल मार्च कर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर अध्यादेशों को वापस लेने सहित एमएसपी को कानूनी दायरे में लाने की मांग की। भारत सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी 3 अध्यादेशो के वापसी व एमएसपी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में शहर के गन्ना दफ्तर के प्रांगण में कार्यकर्ता इकट्ठा हुआ। दोपहर तक कार्यकर्ताओं की संख्या सैकड़ो में पहुंच गई। जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में सभी पैदल मार्च करते हुए हाइवे की ओर निकल लिए।अध्यादेशों से किसानों में गुस्से का आलम यह था कि प्रदर्शन के साथ किसान सरकार विरोधी नारेबाजी में साफ दिखाई पड़ रहा था। पैदल मार्च करते हुए किसानों का काफिला जब कलेक्ट्रेट के सामने हाइवे पर पहुंचा तो पहले से दल बल के साथ वहां मौजूद उपजिलाधिकारी अभय पाण्डे, अपर जिलाधिकारी सन्दीप गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक आर एस गौतम व सीओ सिटी सीमा यादव ने किसानों से आगे न जाने का अनुरोध किया। इस पर किसानों ने वहीं जमावड़ा लगा दिया। उपस्थित लोगों के बीच प्रदेश उपाध्यक्ष राम किशोर पटेल ने कहा कि किसानों के साथ पिछली सरकारों ने धोखा किया लेकिन केंद्र की मौजूदा भाजपा सरकार ने किसानों के खत्म करने का मन बना लिया है,ये किसानों के साथ नही देश के साथ धोखा है।उन्होंने ये भी कहा कि मोदी जी देश के किसानों से कह रहे हैं कि अब देश का किसान आजाद हो गया वो अपनी उपज कहीं भी बेंच सकता है तो ये भ्रमित करने वाली बात है किसान इससे पहले भी आजाद था,उसकी लागत तब निकलेगी जब एमएसपी के नीचे खरीद न की जाए।जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि अहंकार में डूबी भाजपा सरकार जिस बिल को किसान हितैषी बता रही हकीकत में उन विलो से किसान समुदाय ही नाराज है।देश मे लगभग 80 प्रतिशत किसान 3 एकड़ से कम जोत वाले हैं उनके पास आजतक अपने निजी संशाधन नही हैं वो अपना अनाज लेकर मंडी तक पहुंच नही पाते दूसरे राज्यों को भला कैसे जाएंगे।ये कैसा लोकतंत्र है,दर्द किसान के पैर में मगर जबरन उसके सिर की सर्जरी की जा रही है।इसे भारतीय किसान यूनियन कभी बर्दाश्त नही करेगी,किसान अब सड़क पर निकल चुका है सरकार बिल वापस ले वरना लड़ाई आर की होगी। अंत मे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपते हुए इन बिलो को वापस लेने के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी शक्ल देने की भी मांग की गई। इस कार्यक्रम में उत्तम सिंह, अनुपम वर्मा, मीडिया प्रभारी संतीश वर्मा ‘रिन्कू‘, राधेलाल, राम सेवक रावत, नौमीलाल, शारदा बक्श सिंह, रामानंद, गिरीश चन्द, प्रमोद कुमार, अमर सिंह, बाबादीन, भगौती प्रसाद, रईश अहमद, आदि उपस्थित रहे।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

 

 

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