कृषि अवशेष जलाने से रोकने हेतु नोडल अधिकारी नामित

एटा । मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन द्वारा जारी शासनादेश के क्रम में जिलाधिकारी सुखलाल भारती द्वारा जनपद में ग्राम स्तर पर कुल 209 नोडल अधिकारी नामित किये हैं। जिसमें तहसील एटा में 123, तहसील जलेसर में 51 तथा तहसील अलीगंज में 35 नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं।जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने ग्राम स्तर के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन कृषकों द्वारा पराली की घटना सामने आती है तो समस्त प्रभावी कदम उठायें तथा सूचना शीघ्रता के साथ उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार के माध्यम से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नोडल
अधिकारी (सेल) को दें। उन्होनें समस्त थानाध्यक्षों को भी अपने थाना क्षेत्र के ग्रामों में भी निगरानी करने के निर्देश दिये है, एवं जिन क्षेत्रों में घटना होती है उन क्षेत्रों के कर्मचारी
उत्तरदायी होगें उन के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होनें कृषि अधिकारी को निर्देश दिये कि इन-शीटू योजना के अन्तर्गत लक्ष्य के अनुसार कृषि यंत्रों का वितरण करायें तथा इस योजना के अन्तर्गत जनपद में दिये गये लक्ष्यों के अनुसार यन्त्र वितरण की कार्यवाही 20 अक्टूबर 20 तक पूर्ण कर ली जाये। उन्होनें बताया कि मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा जारी निर्देश के क्रम में फसलों की कटाई के उपरान्त बचे हुए अवशेष को जलाना निषिद्ध किया गया है। मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-26 के अन्तर्गत उल्लंघन करने पर कारावास एवं अर्थदंड का प्राविधान है। दो एकड से कम भूमि वाले कृषकों को 2500 रूपये घटना, 2 से 5 एकड तक भूमि रखने वाले लघु कृषकों के लिए 5000 रूपये प्रति घटना, 05 एकड से अधिक भूमि वाले कृषकों से 15000 रूपये प्रति घटना आरोपित कर वसूली की कार्यवाही की जायेगी। घटना के संज्ञान में आने पर तहसीलदार संबंधित नायब तहसीलदार से जांच कराकर पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के आरोप में विपक्षी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगें तथा विपक्षी को सुनकर क्षतिपूर्ति हेतु आरोपित कर वसूली करायें।

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