उन्नाव में सरकारी भूमि पर कब्जा,40 पर मुकदमा बहुत चर्चित तहसील सफीपुर के अंतर्गत 525 व 542 अधिकारी से लेकर शासन तक खामोश आदेश भी रद्दी की टोकरी में कैद

शादाब अली की रिपोर्ट

तहसीलदार के नेतृत्व में लेखपाल की टीम ने 45 बीघे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर गेहूं और धान की खेती करने वाले 40 लोगों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कोतवाली में केस दर्ज कराया है।

हसनगंज कोतवाली के घूरामऊ गांव के रहने वाले बीडीसी मनोज रावत व विजय शर्मा सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा था, जिसमें आरोप लगाया था कि गांव के रामेश्वर और धनपत सहित दर्जनों भू-माफिया क्षेत्रीय लेखपाल कानूनगो की साठगांठ करके कई बीघा पशुचर, नवीन प्रति सरकारी जमीन कई सालों से कब्जाकर खेती कर रहे हैं।

डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने जांच टीम गठित कर मामले की जांच करवाई तो 45 बीघे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। जिस जमीन पर 40 ग्रामीण कब्जा कर धान गेहूं की खेती कर रहे थे। लेखपाल शैलेन्द्र कुमार ने 40 ग्रामीणों पर सार्वजनिक सम्पत्ति निवारण अधिनियम के तहत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

उन्नाव जिले के तेजतर्रार साफ-सुथरी छवि वाले डीएम रविंद्र कुमार के पास भी मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक के आदेश पहुंच चुके हैं लेकिन किंतु साहब 525 व 542 पर सरकारी तंत्र से लेकर सरकारी अफसरों को तहसील सफीपुर के अंतर्गत बैठे कर्मचारियों द्वारा गुमराह कर कर भूमाफिया को पूरी तरह से बढ़ावा दिया जा रहा है आज तक 525 व 542 पर कोई कार्रवाई जबकि सरकारी कागजों से लेकर अफसरों की कलम तक में कहा गया है कि यह सरकारी भूमि है उसके बावजूद भी सरकार से लेकर अफसर तक खामोश क्यों के भूमाफिया सब पर भारी पड़ रहा चंद्र राजनेता सत्ताधारी आकाओं के गोद में खेल कर अपने आपको दिग्गज नेता समझकर फुल बढ़ावा मिला हुआ है अब देखना यह होगा कि क्या गरीबों से ही हक छीनने तक सीमित है यह भाजपा सरकार या फिर इन भूमाफिया पर भी होगी कोई कार्रवाई।

तहसीलदार नरेंद्र यादव ने बताया कि अर्से से 45 बीघे सरकारी जमीन पर ग्रामीण कब्जा कर खेती करने को लेकर लेखपाल व कानूनगो की संलिप्ता की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों की रिपोर्ट डीएम को भेजकर कठोर कार्रवाई की जाएगी

Don`t copy text!