दस रूपये का स्टाम्प पन्द्रह रूपये में खुलेआम -स्टाम्प बाबू की वसूली का शिकार हो रहे हैं वेण्डर -जिला कोषागार बाराबंकी में चल रहा है वसूली का खेल
अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677
बाराबंकी। एक तरफ स्टाम्प व नोटरी टिकट की कमी बताकर स्टाम्प वेण्डरों से अवैध वसूली का खेल जिला कोषागार में खुलेआम चल रहा है। जिला प्रशासन सब कुछ जानकार भी अंजान, स्टाम्प बाबू की वसूली से परेशान है स्टाम्प वेण्डर।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 रूपये का मिलने वाला स्टाम्प व टिकट वर्तमान समय में 15 रूपये में मिल रहा है इसी तरह 100 रूपये का स्टाम्प अब 150 रूपये में स्टाम्प वेण्डरों द्वारा बेचा जा रहा है। इस सम्बंध में जब स्टाम्प वेण्डरों से पूछा गया कि इतना महंगा स्टाम्प क्यों बेच रहे हो इस पर स्टाम्प वेण्डरों द्वारा बताया गया कि जब स्टाम्प बाबू हम लोगों से अधिक रूपया लेकर स्टाम्प दे रह हैं तब हम कहां से सस्ता बेचे। स्टांप पेपर विक्रेता अपना 3 फीसद कमीशन लेकर अपने परिवारों का गुजारा करते रहें। अब स्टांप पेपर विक्रेता सभी स्टांप पेपरों को कीमत से ज्यादा में बेच रहे हैं। 10 रुपये के स्टांप पेपर को 15 रुपये में देते हैं, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा उपयोग शपथ पत्र बनवाने में होता है। वैसे ये 100 रुपये के स्टांप पेपर को 150 रुपये में बेचते हैं। स्टांप पेपर विक्रेता का का शोषण जिला कोषागार में तैनात स्टाम्प बाबू खुलेआम लूट कर रहे हैं। स्टांप बाबू के साथ-साथ वेण्डर कई गुना लाभ कमा रहे हैं। कई स्टांप वेंडरों ने छोटे स्टांप पेपरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है। दस रुपये के स्टांप 15 से 20 रुपये में दिए जा रहे हैं। हाल यह है कि सरकार द्वारा शुरू की गई ई-स्टांपिंग प्रणाली भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। छोटे स्टांप पेपरों की किल्लत दूर होने का नाम ही नहीं ले रही है।
जिला मुख्यालय पर रजिस्ट्री कार्यालय से लेकर तहसीलों तक यही स्थिति है। स्टांप वेंडर कोषागार से महंगा स्टांप पेपर व नोटरी टिकट आने की कह रहे हैं। कचहरी, तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय में इन दिनों स्टांप पेपर व नोटरी टिकट ब्लैक में बिक रहे हैं। आम आदमी को 100 रुपये के स्टांप की अक्सर जरूरत पड़ती है। कम मात्रा में स्टांप पेपर होने का हवाला देकर सबसे अधिक 100 रुपये के स्टांप की कालाबाजारी की जा रही है। डिपो से छोटे स्टांप पेपर कम ही मात्रा में आ रहे हैं कहकर स्टांप बाबू इसी बात का फायदा उठा रहे हैं। शपथ पत्र में लगने वाले 10 रुपये के स्टांप व नोटरी टिकट भी ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। छोटे स्टांप पेपर कोषागार से खपत की अपेक्षा कम मिल रहे हैं। जिससे काफी परेशानी जनता को हो रही है।
अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677


