उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बहराइच जनपद के सभी माध्यमिक शिक्षक 1 दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर आगामी 16 जनवरी को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर भूख हड़ताल करेंगे। जिलाध्यक्ष डॉक्टर दीनबन्धु शुक्ल ने बताया कि 2005 से नियुक्त शिक्षक कर्मचारियों को सरकार द्वारा पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है। नई पेन्शन की नीति विसंगतिपूर्ण और कर्मचारी विरोधी है। पुरानी पेन्शन को बहाल किया जाना चाहिए। कोरोना काल में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता राशि नहीं दी गई है। संगठन का स्पष्ट मत है कि समान कार्य के आधार पर समान वेतन की नीति को स्वीकार करते हुए उन्हें पूर्ण वेतन दिया जाए। विनियमतिकरण से वंचित शिक्षकों का तत्काल विनियमतिकरण किया जाना चाहिए। इसके अलावा शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सा प्रतिपूर्ति, व्यवसायिक एवं कंप्यूटर अनुदेशकों का समायोजन , महिला शिक्षिकाओं को सरल तरीके से अवकाश देने और माध्यमिक विद्यालयों से स्थानांतरण की नीति को सरल करने जैसी मांगों को लेकर भूख हड़ताल और प्रदर्शन किया जाएगा । डॉक्टर शुक्ल ने यह भी बताया जनपद स्तर पर शिक्षकों को समय से वेतन भुगतान की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष का बोनस और महंगाई भत्ते का अवशेष अभी तक नही दिया गया है। सभी विषयों के मूल्यांकन पारिश्रमिक का भुगतान अभी तक लम्बित है । शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत वेतनमान के लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण नही हो रहा है। माध्यमिक विद्यालयों से बिना किसी कारण के पदोन्नति के प्रकरण निरीक्षक कार्यालय को नहीं प्रेषित किए जा रहे हैं जिससे शिक्षकों की पदोन्नति में बाधा उत्पन्न हो रही है । संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के सातवें वेतनमान का अवशेष और उनका समय से वेतन भुगतान नही हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि 15 जनवरी तक जनपद स्तरीय समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा तो 16 तारीख को प्रस्तावित भूख हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।
Related Posts

