शख्स नहीं, आमजन के लिए शख्सियत हैं समाजसेवी देव साउथ सूडान देश के उपराष्ट्रपति कर चुके हैं सम्मानित अवाम के मध्य है गहरी पैठ, इंसानियत को मानते अपना धर्म

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8004283330

फोटो- चित्र परिचय- समाजसेवी देव कुमार को सम्मानित करते साउथ सूडान के उपराष्ट्रपति प्रो. जनरल जेम्स वानी इग्गा।

बाराबंकी। सामाजिक कार्यों में निरंतर सहभागिता, लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े होने वाले एवं निश्छल मन से समाज की सेवा करने वाले लोग ही सच्चे समाजसेवक होते हैं। समाज के प्रति समर्पण का भाव रखने वाले लोग आम जनमानस के हृदय में ‘‘शख्स नहीं, एक शख्सियत के रुप में निवास करते हैं। ऐसे अनेक लोग जनसेवा के साथ साथ किसी पार्टी, दल व संस्था को प्रगति के शीर्ष पथ पर पहुंचाने में महती भूमिका निभाते हुए अपना जीवनपर्यंत गुजार देते हैं, बदले में मिलती उपेक्षा, तो जन जन आहत होता है।
गौरतलब है कि आधुनिकता के बढ़ते दौर में आडम्बरपसंदो का बोलबाला है। ‘‘फोटोखिचवा‘‘ गिरोह सक्रिय है। आधुनिक राजनीति का तो दस्तूर ही बन गया है कि फोटो खिचवाओं, कागजी खानापूर्ति करो, और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहो, बस भवसागर पार होने में देर नहीं लगती। जिनका जमीनी हकीकत से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं रहता। जिसके अनेक उदाहरण दृष्टिगोचर हुए और हो रहे। जमीनी स्तर के जुड़े असल समाजसेवक तथाकथित आधुनिकता से परे हैं। ऐसे ही कुछ एक शख्सियत के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से रूबरू कराते हुए चर्चा करते हैं दिवंगत बाबू केदारबख्श सिंह की। जिन्होंने भाजपा के प्रति सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया! स्व.बाबू केदारबख्श सिंह को जानने व समझने वाले लोगों का कहना है कि उनके समर्पण की भरपाई भाजपा ने कभी नहीं की। इसी कड़ी में बात करते चलें सामाजिक कार्यकर्ता एवं सादगी पसंद शख्सियत देव कुमार गुप्ता की, जो जनपद में किसी पहचान के मोहताज नहीं। अपने कृतित्व व व्यक्तित्व से आम जन के ह्रदय में वास करते हैं। उनकी सीरत को समझने वाले लोग सराहना करते नहीं थकते। भारतीय जनता पार्टी के सच्चे सिपाही, बेदाग छवि के श्री देव जाति-धर्म से परे इंसानियत धर्म को मानते हैं। जानने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सुख-दुख में हमेशा शरीक होते हैं। अंजानो के प्रति समर्पण व सेवा का भाव रखने वाले हसमुख, सरल व्यक्तित्व के देव कुमार गुप्ता अक्सर शहर व ग्रामीण अंचल के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों मे देखे जाते हैं। तमाम नामचीन शख्सियतों से प्रगाढ़ सम्बंध का जरा भी गुमान नहीं। हाल ही में साउथ सूडान देश के उपराष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किये जा चुके हैं। दिखावा से हमेशा दूर रहने वाले हर एक के स्वभाव में ढलने का हुनर देवकुमार गुप्ता रखते हैं, कहना कोई बड़ी बात नहीं। भारतीय जनता पार्टी की सेवा में अपनी आधी उम्र पार कर चुके ‘देव‘ स्वयं को समर्पित कार्यकर्ता मानते हैं, किसी से कोई नाराजगी कभी जाहिर नहीं करते। विपरीत इसके, इनके चाहने वाले भाजपा द्वारा की जा रही उपेक्षा से खासा नाराज हैं।

 

सक्रिय फोटो खिचवा गिरोह, भाजपा को आत्मंथन की आवश्यकता

‘फोटोखिचवा‘‘ गिरोह का जिक्र करते ही उत्तर प्रदेश सरकार में अपनी सेवाएं दे रहे प्रकृति प्रेमी प्रभात कुमार मौर्य ने बेझिझक कहा कि ‘‘फोटोखिचवा‘‘ शब्द ऐसे लोगों के लिए एक दम सटीक है। नजीर पेश करते हुए श्री मौर्य ने त्वरित कहा कि ‘‘पौध रोपण के लिए जो व्यक्ति गड्ढा खोदता है, वह बाद में दूर कर दिया जाता है। पौधे का रोपण करते समय लोगों मे फोटो खिचाने के लिए होड़ मच जाती है। लोग एकाएक फोटो खिचवाकर सस्ती लोकप्रियता के लिए प्रकृति प्रेमी होने का स्वांग रचते हुए सोशल मीडिया में सार्वजनिक करते हैं। इस समय गड्ढा खोदने वाला व्यक्ति स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा होता है। परन्तु, कह नहीं पाता। ऐसे लोगों को श्री मौर्य ने नसीहत देते हुए कहा कि गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति से ही पौध रोपित कराना चाहिए, उन्हे पुरस्कृत करते हुए पौधरोपण के साथ फोटो खिचवाना चाहिए, और उनका सम्मान करना चाहिए। श्री मौर्य ने कहा कि वह समाजसेवी एवं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता देव कुमार गुप्ता की हो रही उपेक्षा से व्यथित हैं। ऐसे लोग तमाम हैं। भाजपा को ‘‘गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति‘‘ विषय पर गहन आत्मंथन की आवश्यकता है।

 

तथाकथित आधुनिकता से ‘परे‘ हैं देव: अधिवक्ता सत्येन्द्र
सामाजिक कार्यकर्ता एवं सिविल कोर्ट अधिवक्ता सत्येन्द्र तिवारी ने ‘‘आधुनिकता‘‘ व ‘‘देव कुमार‘‘ के बारे में बात करते हुए कहा कि बदलते दौर में तथाकथित आधुनिकता लोगों के सिर चढ़कर बोल रही है। भारतीय संस्कृति-संस्कार, सभ्यता से परे आजकल के अधिकतर लोग स्वयं को ‘‘श्रीमान् जी‘‘ से ज्यादा ‘‘बाॅस‘‘ कहलाना व ‘‘चापलूसी‘‘ पसंद करते हैं। किसी राजनीतिक पार्टी के लोग हों, गैर सरकारी संगठन के लोग या फिर किसी सरकारी संस्थान के अफसर, मातहत ही क्यों न हों। अधिकतर, कनिष्ठों से यही अपेक्षा करते हैं। अधिवक्ता श्री तिवारी ने आगे कहा कि देव कुमार गुप्ता मेरे मार्गदर्शक हैं। उन्हें हमेशा यह जानने की उत्सुकता रहती है कि ‘‘अभी क्या कर रहे हो, और भविष्य में क्या करोगे‘‘। हमेशा सबके हित के लिए सही सुझाव देते हैं। और ‘‘बाॅस‘‘ कहलाने के तो बिलकुल खिलाफ हैं। ना चापलूसी करते हैं और न ही चापलूसीपसंद। बच्चा, नौजवान हो या फिर वृद्ध तथा आम हो या कोई खास, सबके प्रति उनका व्यवहार नेक और कुशल रहता है।

साउथ सूडान देश के उपराष्ट्रपति कर चुके हैं सम्मानित

उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए विगत वर्ष 2019 में समाजसेवी देव कुमार गुप्ता को दक्षिण सूडान देश के उपराष्ट्रपति प्रोफेसर जनरल जेम्स वानी इग्गा एवं दक्षिण सूडान के उपमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8004283330

 

 

 

 

 

 

 

Don`t copy text!