अपने मुर्दा ज़मीरों को जगाएं दौरे हाज़िर में गासिबो से अपने को बचाएं माले इमाम को बचाएं – मौलाना आज़िम बाक़री
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
कमजोरों मजलूमों की मदद में आगे आयें रंग व नश्ल से बाहर निकल कर इमाम हसन का दस्तरखान लगायें
बाराबंकी । अपने मुर्दा ज़मीरों को जगाएं दौरे हाज़िर में गासिबो से अपने को बचाएं माले इमाम को बचाएं ।यह बात मौलाना गुलाम अस्करी हाल में अय्याम ए अज़ा ए फात्मिया की तीसरी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सै0आज़िम बाक़री ने कही ।उन्होने ये भी कहा कि कमजोरों मजलूमों की मदद में आगे आयें रंग व नश्ल से बाहर निकल कर इमाम हसन का दस्तरखान लगायें ।आज के दौर में भी कामयाबी चाहिये तो जज़्बात के धारे में न बह जायें, अक़्ल व बशीरत के साथ क़दम आगे बढ़ाये ।आखिर में रसूल की बेटी व कर्बला वालों के मसायब पेश किया । जिसे सुनकर सभी रोने लगे ।मजलिस से पहले डा 0 रज़ा मौरानवी नेअपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा – तेरी ताज़ीम में उठता है जो मुरसल का वजूद , फ़ले अहमद है कि मन्शाए खुदा है क्या है । अज़मल किन्तूरी ने अपना बेहत रीन कलाम पेश किया- ज़कातो , खुम्सो , जेहादो अज़ान है ज़हरा , तनाबे खिल्कते कौनो मकां है ज़हरा ।मुज़फ्फ़र इमाम ने पढ़ा- फातिमा के दिल को जिसने भी दुखाया आज तक , ज़िन्दगी में क़ौम वो लगती है मुर्दा आज तक । हाजी सरवर अली कर्बलाई ने अपना कलाम पेश करते हुये पढ़ा – सानी नहीं है इसका कोई क़ायनात में , दोनों जहां में आयते कुबरा है फातिमा । इसके अलावा मौलाना रज़ा का कलाम मीसम रिज़्वी ने सुनाया, अद्नान रिज़वी , सरफराज़ अहमद , ज़ाकिर इमाम , दानिश , जईम काज़्मी , मो0अब्बास , अली शा , मो0ताहा , मोहम्मद , हसन मसीहा ने भी नज़रानए अक़ीदत पेश की ।मजलिस का आगाज़ तिलावते कलामे इलाही से मौलाना अब्बास मेहदी ” सदफ़” ने किया । निज़ामत अजमल किन्तूरी ने किया ।अन्जुमन गुलाम ए अस्करी ने नौहाखानी व सीना जनी की ।बानियाने मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
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