कोविड अस्पतालों के भ्रष्टाचार की जांच सार्वजनिक हो: फैसल मलिक

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

3 दिन में देनी थी रिपोर्ट लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी आई जांच रिपोर्ट वहीं रामसनेहीघाट में धार्मिक स्थल गिराकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की गई है।

बाराबंकी। एक तरफ सरकार कोविड-19 के नियंत्रण के प्रदेश के मुखिया अपने मातहतों को दिशा निर्देश दे रहे हैं वही बाराबंकी जनपद में कोविड अस्पतालों में भ्रष्टाचार की बाढ़ आ जाने पर विगत दो सप्ताह पूर्व जांच हेतु चार सदस्यीय टीम बनाकर रिपोर्ट 3 दिन में प्रेषित करने के लिए काफी चर्चा मीडिया में करवाई गई थी, किन्तु दो सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। वहीं जनता का ध्यान भटकाने के लिए हजारों पुलिस कर्मियों की भीड़ को इकट्ठा करके लाॅकडाउन का उल्लंघन करके धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए रामसनेहीघाट में स्थित ब्रिटिशकालीन मस्जिद को गिरा दिया गया। हद तो यहा तक हो गई कि घटना को छिपाने के लिए वीडियोग्राफी तक नहीं कराई गई। यह बात एम0आई0एम0 के जिला महासचिव फैसल मलिक ने जारी बयान में कही।
शहर के आस्था हॉस्पिटल को कोविड केयर अस्पताल बनाया गया था। डीएम ने गत 21 अप्रैल को अधिग्रहीत किया था लेकिन उक्त हास्पिटल की लूट खसोट की चर्चा जनजन तक होने लगी। जिलाधिकारी के निरीक्षण में भी आक्सीजन की आपूर्ति का ब्यौरा अस्पताल मैनेजमेंट नही दिखा सका। कागजों में हेराफेरी की गई तथा अवैध वसूली की कोई रसीद तीमारदारों को नहीं दी गई। वही आक्सीजन सिलेंडर व रेग्युलेटर तक मरीजो से मंगाने और उनसे निर्धारित दर से ज्यादा चार्ज वसूल करने की शिकायत मिलती रहीं। वही कई मरीज आस्था हास्पिटल जाने से डरने लगे। मरीजों की तड़प की आवाज जब अस्पताल की दीवारों से सोशल मीडिया पर गूंजने लगी थी तब जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर आस्था हास्पिटल की जांच के आदेश दिये हैं। वही करनपुरी पुत्र श्री बृजेन्द्र पुरी निवासी 4/9 लाजपतनगर, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी ने आक्सीजन सिलेंडर हड़पे जाने की शिकायत की थी लेकिन आज अस्पताल प्रशासन अपनी पहुंच व पैसों के बल पर जांच को रूकवाये हुए है। क्या आस्था हास्पिटल इसी तरह मरीजों की आक्सीजन गैस चोरी एवं मरीजों की जिन्दगी से खेलता रहेगा या उसके विरूद्ध कोई दण्डात्मक कार्यवाही होगी।

वहीं जिले में कोरोना का संक्रमण अब गांव-गांव पहुंचने लगा है, वैक्सीन, अस्पताल, आक्सीजन आदि की कमी है लेकिन प्रशासन इन सब मुद्दों पर ध्यान न देकर जनपद में धार्मिक स्थलों को तोड़वाकर विवाद खड़ा करके जनपद में हो रहे भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश कर रहा है। लाॅकडाउन उल्लंघन में सभी दोषियों पर अविलम्ब मुकदमा दर्ज कराया जाये। रामसनेहीघाट की घटना में प्रशासन ने खुद ही पार्टी बनकर सम्पूर्ण घटना को अंजाम दिया है जिसकी मैं निन्दा करता हूँ।

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

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