दलित बस्ती का रास्ता बंद करने से बढ़ी मुश्किलें,समाधान दिवस तहसील सहसवान मे ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार डी एन टी महासभा के पदाधिकियो 

मुकीम अहमद अंसारी

मुजरिया,बदायूं। तहसील सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम चतुरी नगला की दलित बस्ती बाल्मीकि समाज के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बस्ती को गांव से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता कथित रूप से जोत कर बंद करने के बाद यहां के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। डी एन टी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार बाल्मीकि ने जनपद बदायूं टीम के साथ आकर मिले तहसील प्रशासन से मिलकर कार्यवाही कि मांग

 

ग्रामीणों के अनुसार बाल्मीकि बस्ती और गांव के बीच वर्षों से एक रास्ता था, जिससे लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए आवागमन करते थे। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने ट्रैक्टर से रास्ते को जोतकर समाप्त कर दिया, जिससे बस्ती का संपर्क मुख्य गांव से लगभग कट गया है।

रास्ता बंद होने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो उसे चारपाई पर लिटाकर खेतों मे खड़ी फसलों से होकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, तब कहीं उसे अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। पशुओं को ले जाने, खेती-बाड़ी का सामान लाने और अन्य जरूरी कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बस्ती के लोगों का कहना है कि पूरे गांव में विकास कार्यों के तहत सीसी सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन उनकी बस्ती आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन और बहाने ही मिले हैं।

समस्या से परेशान ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर बंद रास्ता को खुलबाने तथा उचित कार्रवाई की मांग की थी दर्जनों महिला पुरूषों ने मांग की एस डी एम ने दिया आश्वाशन आश्वाशन भी हुआ ब्रेक

गांव की सरकार दलित बस्ती मे कोई विकास कराने को तैयार नहीं हैं अब बस्ती के लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि उन्हें आवागमन की इस गंभीर समस्या से कब राहत मिलेगी।

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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