इंसान को अपनी इबादत पर घमंड नही करना चाहिये: मौलाना जहीर

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

बाराबंकी। कर्बला सिविल लाइन में स्व साजिदतुज्जहरा की याद में एक बरसी की मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस के दौरान कोरोना गाइड लाइन का पालन किया गया। मजलिस को मौलाना हसन जहीर ने सम्बोधित करते हुवे कहा कि इन्सान अपनी इबादत पर इतना गुरुर ना करे क्योंकि हजरत मूसा (अस) जैसे पैगम्बर की इबादत पर अल्लाह ने सवाल कर दिया था तो फिर इंसान की किया औकात है। मौलाना ने आगे बताया कि इबादत ऐसी करो जिससे अल्लाह खुश होता हो। उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम मे आतंकवाद को सबसे बुरा कहा गया है आतंकवाद का इस्लाम से कोई वास्ता नही है। मौलाना3 हसन जहीर ने कहा इस्लाम प्यार मोहब्बत से फैला हुआ है। अतः में मौलाना ने शहजादी जनाबे जैनब के दर्दनाक मसायब बयान किये जिसे सुनकर मोमिन्न रो पड़े। मजलिस से पूर्व हिंफुस्तान के शायरों ने कलाम पेश किये। डॉ रजा मोरानवी ने पड़ा हमने औलादे पयम्बर को बहकते देखा, हूर मुबारक तेरा बेटा तेरे जैसा निकला। वकार सुल्तानपुरी ने पढ़ा गुफ्तुगू जब हो चुकी थी जैनबे दिलगीर से, बात फिर की हो नही अब्बास ने शमशीर से। अजादार अजमी ने पढ़ा फरिश्ते मेरे घर का देगे पहरा, अजाखाने में है मेहमान जैनब। शायर अजमल किन्तुरी ने अपने अंदाज में पढ़ा जुल्मतों में न आग लग जाये, देखो करवट बदल रहा है चराग। प्रोग्राम की निजामत शायर बाकर नकवी ने करते हुवे कहा कि फिर कहीं गूंज न उठे तेरे खुतबो की सदा, दुश्मने हक को इसी बात का डर है जैनब। इसके अलावा अयान रिजवी बाराबंकवी, अजादार हुसैन अबुजरी, मीसम हैदर ने अपने अपने कलाम पेश किये। मजलिस की शुरुवात कायम अजमी ने तिलावते कलामे पाक से की। कार्यक्रम के दौरान कोविड 19 का पालन किया गया जिसमे माक्स सेनेटाइजर का इस्तिमाल किया गया। प्रोग्राम समाप्ति के बाद मोहसिन नकवी, दरगाहे आलिया नजफे हिन्द जोगीपुरा के सदर सय्यद मुजाहिद हुसैन नकवी, जीशान हैदर नकवी ने मजलिस में आये हुए सभी मोमिनो का शुक्रिया अदा किया।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

Don`t copy text!