समाज के दुश्मन वसीम रिजवी पर कार्यवाही हो: अली गदीर रिज़वी

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

फुतला फूंककर जताया आक्रोश

बाराबंकी। वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी अक्सर अपने विवादित बयानो से अक्सर सुर्खियों में रहते है उनके बयान से शिया समुदायों में काफी रोष व्याप्त है। इस सम्बंध में शहर की शिया कर्बला के सामने, फैजाबाद रोड पर समाज के दुश्मन वसीम रिजवी का पुतला फूक कर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


मालूम हो कि वक्फ बोर्ड की कुर्सी पाने के लिये और सरकार को खुश करने के लिये इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना इनकी फितरत में शामिल है, जिससे शिया धर्मगुरुओं ने कई बार वसीम रिज़वी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। वही जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता अली गदीर रिज़वी ने सरकार से माँग कि है, इस्लाम विरोधी वसीम मुर्तद के खि़लाफ़ मुक़दमा पंजीकृत करके उसे तुरंत गिरफ़्तार कर जेल भेजा जाए, क्योंकि उसने जो मुसलमानों के पैगम्बर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक कुछ बाते लिखी गई है। जिसका शिया समुदाय इसकी जमकर मजम्मत करता है। उन्होंने आगे कहा कि वसीम मुर्दात द्वारा लिखी गई किताब में शुरुवाती 12 पन्ने मुझे पीडीएफ के रूप में मिले जिसको पढ़ कर के मेरा ख़ून खौल गया जिसको बयान भी नही किया जा सकता कोई भी किसी आम इंसान के लिए ऐसी नाज़ेबा बातें नहीं लिख सकता हमारे आक़ा तो हमारी और पूरी मुस्लिम क़ौम की जान हैं इस किताब को पढ़के किसी भी इंसान का ख़ून खौल जाएगा इस किताब में पूरी उम्मत ए मुस्लिमा के रसूल मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व अलैहि वसल्लम के बारे जिस तरह से लिखा गया है। उसे कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता और इस को पढ़ने के बाद पूरी मुसलमान क़ौम ये बर्दाश्त नहीं कर पाएगी बड़े बड़े विद्वानों ने जो ग़ैर मुस्लिम हैं। श्री रिज़वी ने आगे कहा मुस्लिम विद्वानों के अलावा गैर मुस्लिम ने भी मोहम्मद साहब की तारीफ़े करते हुए हजारो नही लाखो की संख्या में किताबे लिखीं है, और उनको इंसानियत का पैग़ाम लाने वाले पैग़म्बर बताया है इस जाहिल ने जिसको कोई तमीज़ नहीं है इसकी औक़ात कैसे हो गयी इस तरह की किताब लिखने की , इस वसीम मुर्तद की जो चाल है कि इस किताब की वजह से हालात ख़राब हों और फ़साद पैदा किया जाए और आपस मे इंतिशार पैदा करके माहौल ख़राब करने का जो काम कर रहा है उसे मुस्लिम समाज कभी बर्दाश्त नही करेगा। दिलकश रिज़वी ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूँ कि इस किताब पे बैन लगाए और वसीम मुर्तद को फौरन गिरफ़्तार करके जेल भेजा जाए हम सब मुसलमानों लिए हमारे प्यारे आक़ा रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व अलैहि वसल्लम से बढ़ के इस दुनिया में कुछ भी नहीं हम उनकी बेहुरमती किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे अगर वसीम मुर्तद को गिरफ्तार कर के जेल नहीं भेजा गया और इस मोहम्मद नामक किताब जिसको इस वसीम मुर्तद ने लिखा है उसको बैन नहीं किया जाता तो हम कुछ भी करने के लिए तैयार है हमारी जाने भी हमारे आक़ा के लिए कुर्बान है।

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

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