बसपा प्रत्याशी अनिल पाण्डेय के जनसम्पर्क अभियान देखकर विपक्षी दलों में खलबली!
आशिष सिंह संवाददाता की रिपोर्ट एसएम न्यूज़24टाइम्स लखनऊ उत्तर प्रदेश
अनिल पाण्डेय के चुनाव मैदान में आने से बदले नजर आ रहे हैं समीकरण
लखनऊ। 175 कैन्ट विधान सभा के बसपा प्रत्याशी अनिल पाण्डेय के चुनाव मैदान में आने से इस बार परिवर्तन की आहट साफ दिखाई-सुनाई़ पड़ रही है। इस बार समीकरण बदले-बदले नजर आ रहे हैं, वहीं सपा के मुस्लिम वोटरों का रूझान इस बसपा प्रत्याशी की तरफ बढ़ रहा है। बसपा प्रत्याशी के व्यापक जन सम्पर्क अभियान देखकर विपक्षी दल के नेताओं में हडकम्प मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार समीकरण के खेल में राजनीति के धुंरधरों में हलचल मची हुई है। राजधानी के कई नेताओं के दिलों में समीकरण को लेकर हलचल मची हुई है। फिलहाल कैन्ट विधान सभा का चुनाव रोचक होता जा रहा है। कैन्ट विधान सभा क्षेत्र में दर्जनों उम्मीदवार अपनी ताल ठोंक रहे हैं। अन्य पार्टियों में तो एक-एक पार्टी से 6-7 प्रत्याशी मैदान में उतर आये हैं, सभी अपने आपको पार्टी का सच्चा सिपाही बता रहे हैं लेकिन किस प्रत्याशी को टिकट मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा वही जिनको टिकट नहीं मिलेगा वही दावेदार अपनी ही पार्टी की लुटिया डुबोने में पीछे नजर नहीं आयेंगे। वही अन्य पार्टियों से प्रत्याशी न घोषित होने से बसपा प्रत्याशी धीरे-धीरे आम जनता तक पहुंच बनाये हुए हैं और विजय की ओर अग्रसर नजर आ रहे हैं।

मालूम हो कि कैन्ट सीट के मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ सभी वर्गों का समर्थन बसपा प्रत्याशी को खुलकर मिल रहा है जिससे वर्तमान विधायक काफी हैरान व परेशान नजर आ रहे हैं। वही बसपा सरकार के कार्यकाल को याद करके मुस्लिमों का रूझान बसपा की तरफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
चर्चा के अनुसार कई नेताओं की सीधी फाइट बसपा होने के कारण, वोटों का गणित बिगाड़ने के लिए डमी प्रत्याशियों की खोज शुरू कर दी गई है और कई नेताओं ने अपने चहेतों को आगे कर दिया है। वहीं इस बार बहुजन समाज पार्टी के अनिल पाण्डेय सबसे पहले प्रत्याशी घोषित होने के बाद चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले की तरफ बढ़ता जा रहा है। श्री पाण्डेय जब से प्रत्याशी घोषित हुए हैं तब से धुआंधार जनसभा व वार्ड-वार्ड पहुंचकर अपनी आमद दर्ज करा रहे हैं, सभी धार्मिक आयोजनों में प्राथमिकता के आधार पर पहुंच रहे हैं। कई विपक्षी पार्टियों में इनकी सक्रियता से हलचल के साथ खलबली मची हुई है और उन नेताओं की रातों की नींद हराम हो गई है। वही बात जब समीकरण की होती तो समीकरण के आधार पर इस बार बसपा का पलड़ा काफी भारी दिख रहा है। समाजवादी पार्टी से मुस्लिम की नाराजगी के कारण कट्टर वोटरों का रूझान भी इस बार बसपा की तरफ अन्दर अन्दर ही बढ़ जा रहा है। वहीं श्री पाण्डेय ने बताया कि मैं बहन कुमारी मायावती जी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्य कर रहा हूँ जिसमें आपका व क्षेत्रीय जनता का भरपूर सहयोग मिल रहा है, आगामी 10 मार्च को बहन जी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी जिससे प्रदेश में गुण्डाराज, भ्रष्टाचार तथा धर्म की राजनीति का खात्मा होगा और अपना उत्तर प्रदेश विकास की ओर अग्रसर होगा।
आशिष सिंह संवाददाता की रिपोर्ट एसएम न्यूज़24टाइम्स लखनऊ उत्तर प्रदेश

