*102 एवं 108 एंबुलेंस में फिर गूंजी किलकारी* -अलीगढ़ की एंबुलेंस में नवजात शिशु का हुआ जन्म

एसएम न्युज24 टाइम्स

08 अप्रैल जिले में स्वास्थ्य योजनाएं लगभग घर-घर पहुंचने लगी हैं। इसके ताजा उदाहरण है ब्लॉक जवां (सिकंदरपुर) और धनीपुर। गुरुवार को यहां प्रसव मामले परिजनों ने एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया। हालांकि फोन पहले ही करना चाहिए था। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मी महिला को एंबुलेंस में लिटा तो लिये लेकिन थोड़ी ही दूर जाकर प्रसव पीड़ा तेज हो गई। एंबुलेंस कर्मी बिना समय गवाएं एंबुलेंस में ही प्रसव कराने में सफल रहे। फिलहाल दोनों मामलों में जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।

जिला प्रोग्राम मैनेजर अरशद खान ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एंबुलेंस सेवाएं जच्चा बच्चा दोनों के लिए सुरक्षित है। उन्होंने कहा 108 एंबुलेंस सेवा प्रदेश सरकार की ओर से सभी लोगों के लिए नि:शुल्क है किसी भी वाराणसी में सरकारी अस्पताल जाने के लिए 24 घंटे किसी भी समय कॉल की जा सकती है इसके अलावा 102 सेवा गर्भवती महिलाओं और 2 वर्ष तक के बच्चों को सरकारी अस्पताल ले जाती है एवं इलाज के बाद वापस घर भी छोड़ती है यह सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क तौर पर उपलब्ध है।

वीरेश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस सड़क पर किनारे लगाकर सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को सीएचसी छर्रा में भर्ती करा दिया गया है। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं परिजनों ने सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सरकारी एंबुलेंस सेवा और एंबुलेंस कर्मचारियों को सराहना की।

ईएमटी सत्येंद्र कुमार पाल ने बताया की गर्भवती महिला को प्रसव के लिए एंबुलेंस से ही ले जाना चाहिए। एंबुलेंस कर्मचारी प्रसव कराने या अन्य इमरजेंसी के लिए प्रशिक्षित होते हैं एवं एंबुलेंस में डिलीवरी केस भी उपलब्ध रहती है।

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