वज्रपात से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करेगा एप।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

बदायूँ। जिलाधिकारी दीपा रंजन ने समस्त जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कि वज्रपात(आकाशीय बिजली गिरना) से होने वाली क्षतियों को न्यूनीकृत किये जाने हेतु “दामिनी ऐप“ तैयार किया गया है। यह वज्रपात से पूर्व व्यक्ति को अलर्ट करेगा।
शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह एप अधिसूचित आपदाओं की पूर्व चेतावनियों, अलर्ट को आम जनमानस तक समय से पहुंचाकर जनपद में आपदा से होने वाली जनहानि के न्यूनीकरण हेतु राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा इन्टीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया गया है। इन्टीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम, मौसम विभाग द्धारा जारी अलर्ट, डाटा को फेच करके राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड ग्राम प्रधानों (पूर्व एवं नवनिर्वाचित), लेखपालों, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, आशा, पुलिसकर्मियों एवं लगभग 1.20 करोड़ कृषकों को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रियलटाइम में प्रेषित करता है।  इन्टीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से किसी सम्भावित आपदा, खराब मौसम का अलर्ट मात्र उन्हीं लोगों को प्राप्त होता है। जिनका मोबाइल नम्बर राहत आयुक्त कार्यालय की बेबसाइट पर रजिस्टर्ड है, परन्तु जनपद में प्रतिवर्ष वज्रपात से होने वाली क्षतियों के दृष्टिगत ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है जिसकी पहुंच आम जनमानस तक आसानी से हो। मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस तथा इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रोपीकल मैटियोरोलोजी, पुणे के सहयोग से विशेष रूप से वर्जपात की पूर्व चेतावनी, अलर्ट प्रेषित किये जाने हेतु “ दामिनी ऐप “ विकसित किया गया है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। दामिनी ऐप लगभग 20 कि0मी0 के क्षेत्र में सम्भावित लाइटनिंग अलर्ट का नोटिफिकेशन लगभग 04 घण्टे पूर्व प्रेषित करता है, जिससे व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तथा बचाव का अवसर प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि वर्जपात की पूर्व चेतावनी, अलर्ट को अधिक से अधिक व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए “दामिनी एप“ को जनपद, तहसील, ग्राम, ब्लॉक स्तर के सम्बन्धित अधिकारियों, समस्त ग्रामों प्रधानों, लेखपालों, आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं आशा को डाउनलोड करने हेतु निर्देशित करना सुनिश्चित करें तथा उनका यह दायित्व निर्धारित करें कि वे आम जनमानस को भी दामिनी ऐप डाउनलोड करने के लिए जागरूक करें, जिससे वज्रपात से होने वाली क्षतियों को कम किया जा सके।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

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